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Abhay Jain – रोहतक में जैन मंदिर का छज्जा तोडऩा निंदनीय

Abhay Jain

 

Viral Sach – आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एवं मानव आवाज संस्था के संयोजक Abhay Jain एडवोकेट ने रोहतक में अवैध कब्जे के नाम पर नवनिर्मित श्वेताम्बर जैन स्थानक मंदिर का छज्जा तोडऩे की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार-प्रशासन इस तरह से धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास ना करे।

उन्होंने रोहतक जैन समाज के लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कहा कि प्रशासन ने जैन समाज को टारगेट बनाकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नगर निगम रोहतक की ओर से जैन स्थानक में तोडफ़ोड़ की गई है, वह पूरी तरह से गलत है।

इस बाबत किसी तरह का नोटिस मंदिर प्रबंधन को नहीं दिया गया। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गेट पर ताला लगा होने के बावजूद भी साथ में धर्मशाला से जैन स्थानक में दाखिल हुई और फिर तोडफ़ोड़ की। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करके निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

इस तरह से किसी धार्मिक स्थल पर तोडफ़ोड़ करना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने इस बात की संतुष्टि जाहिर की कि जैन समाज के समर्थन में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय स्तर के पदाधिकारी भी इस कार्रवाई को गलत ठहरा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि रोहतक के बाजारों में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान दौरान निगम की टीम ने रेलवे रोड स्थित नवनिर्मित श्वेताम्बर जैन स्थानक मंदिर का छज्जा अवैध निर्माण बताकर तोड़ दिया गया। इससे जैन समुदाय के लोगों में रोष पनता। उनके साथ बाजार के लोग भी धरने पर बैठे और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Abhay Jain

Translated by Google 

Viral Sach – Aam Aadmi Party activist and convenor of Manav Awaz Sanstha, Abhay Jain, advocate has strongly condemned the breaking of the balcony of the newly constructed Shwetambar Jain Sthanak temple in Rohtak in the name of illegal occupation. He said that the government-administration should not try to incite religious sentiments by targeting religious places in this way.

He said on the basis of the information given by the people of Rohtak Jain community that the administration has taken this action by targeting the Jain community. He said that the manner in which Jain Sthanak has been vandalized by Municipal Corporation Rohtak, is completely wrong.

No notice in this regard was given to the temple management. The administration team reached the spot and entered the Jain Sthanak from Dharamshala despite the gate being locked and then vandalized it. He has demanded that a fair investigation should be done in this matter by registering a case against the accused officers.

Vandalizing a religious place like this is not justified. He expressed satisfaction that in support of the Jain community, the central level office bearers of Vishwa Hindu Parishad are also wronging this action.

It is worth mentioning that during the campaign to remove encroachments in the markets of Rohtak, the corporation’s team broke the balcony of the newly constructed Shwetambar Jain Sthanak temple located on Railway Road, saying it was an illegal construction. This enraged the people of the Jain community. Along with them, the people of the market also sat on a dharna and raised slogans against the Municipal Corporation.

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