Silver Crest Hospital : अवैध इमारत में बने अस्पताल को बचाने में क्यों जुटा है प्रशासन? 0

Silver Crest Hospital

 

Viral Sach : Silver Crest Hospital – मिलेनियम सिटी के नाम से विख्यात गुरुग्राम को प्रदेश की आर्थिक नगरी के रूप में भी जाना जाता है। लेकिन इसी के साथ साथ गुरुग्राम के नगर निगम में भ्र्ष्टाचार की नींव की गहराई भी बहुत ज्यादा है।

यहां पर विश्व का आठवाँ अजूबा इसे कहा जा सकता है की इस शहर में नगर निगम के द्वारा अनेक इमारतों को अवैध करार देकर तोडा या सील किया जाता है। लेकिन एक विशेष विधि के तहत वे इमारतें ज्यों की त्यों तैयार हो जाती है और प्रशासन उसके नक्शे, रजिस्ट्री इत्यादि के नाम पर अनेक शुल्क भी ले लेता है।

ये सब गोलमाल सबकी आखों के सामने सरेआम हो रहा है। लेकिन ईमानदार सरकार में किसी की बोलने तक की हिम्मत नहीं होती।

अब बात करें न्यू कॉलोनी के नजदीक बने सिल्वर क्रस्ट अस्पताल की। इसे लेकर एक स्थानीय निवासी द्वारा ही सीएम विंडों पर एक शिकायत दर्ज की गयी। प्रशासन की आँखे खुली तो नगर निगम के द्वारा जांच की गयी और इस इमारत में अस्पताल बंद करने के लिए एक महीने का नोटिस दिया गया। वो महीना भी बीत गया। जब सरकारी अमला कार्यवाही करने के लिए अस्पताल पहुंचा तो इस मामले में एंट्री हुई जिला स्वास्थ्य विभाग की।

जिसके कहने पर कुछ समय का समय मोहलत के रूप में दिया गया। लेकिन सवाल ये है की क्या स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना ही ये अस्पताल चल रहा था और अगर अनुमति थी तो नियमों को ताक पर रखकर किस महानुभव ने अनुमति दी।

क्या कानून से भी ज्यादा अधिकार जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास हैं जो निगम द्वारा दिया गया एक महीने का नोटिस भी बेकार साबित हुआ। बताया जा रहा है की कुछ बच्चे इस अस्पताल में एडमिट थे जिस वजह से कुछ और समय दी गयी। लेकिन इस कारण से तो सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्नचिन्ह लगता है की क्या सिर्फ निजी अस्पतालों की बैसाखियों पर ही सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम्भ भरती हैं।

लेकिन यहां अगर शिकायतकर्ता की माने तो पिछले दिनों इसी क्षेत्र के एक व्यक्ति को ब्लैकमेलिंग के केस में गिरफ्तार करवाने वाले भाजपा के नेता जी ने ही इस अस्पताल को सील ने करवाने के लिए 2 लाख रूपये की दक्षिणा से मदद करवाई है।

ये आरोप कहीं न कहीं सरकार की छवि को भी धूमिल कर रहे है तो मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेकर बड़े स्तर की जांच करवाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भिजवाना होगा।

Translated by Google 

Viral News: Gurugram, known as the Millennium City, is also known as the economic city of the state. But along with this, the depth of corruption in the Municipal Corporation of Gurugram is also very high.

Here the eighth wonder of the world can be said that in this city, many buildings are demolished or sealed by the Municipal Corporation, declaring them illegal. But under a special method, those buildings are prepared as they are and the administration also takes many fees in the name of its map, registry etc.

All this hooliganism is happening openly in front of everyone’s eyes. But no one has the courage to speak in an honest government.

Now let’s talk about the Silver Crest Hospital built near New Colony. In this regard, a complaint was lodged on CM Window by a local resident. When the eyes of the administration opened, an investigation was done by the Municipal Corporation and a month’s notice was given to close the hospital in this building. That month also passed. When the government staff reached the hospital to take action, the district health department entered in this matter.

At whose behest some time was given as an extension. But the question is whether this hospital was running without the permission of the health department and if it was allowed, then which great personality gave permission keeping the rules in mind.

Does the District Health Officer have more rights than the law, which proved to be useless even one month’s notice given by the corporation. It is being told that some children were admitted in this hospital, due to which some more time was given. But for this reason, there is a question mark on the health services of the government whether the government is proud of providing health services only on the crutches of private hospitals.

But here, if the complainant is to be believed, the BJP leader who got a person from this area arrested in the case of blackmailing in the past, has got the help of Rs 2 lakh as donation to get this hospital sealed.

Somewhere these allegations are also tarnishing the image of the government, so the Chief Minister and the Health Minister will have to take cognizance with immediate effect and get the accused behind the bars after getting a large-scale inquiry done.

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