भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

गुरूग्राम, (प्रवीन कुमार) : भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन, हरियाणा संबंधित: एआईयूटीयूसी (REG NO. 1845) जिला गुडगाँव का प्रतिनिधिमंडल जिला महासचिव हेमराज के नेतृत्व में भवन निर्माण कारीगर मजदूरों की तरफ से उपायुक्त गुड़गांव श्री यश गर्ग से मिला और उन्हे कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के दौर में मजदूर-कारीगरों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार व आर्थिक सहायता देने के बारे मुख्यमंत्रीजी को प्रेषित 6 सूत्रीय माँगों का एक ज्ञापन सौपा।

ज्ञापन मे कहा गया तथा माँग रखी कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार द्वारा शहर व गांव हर जगह, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर सैनेटाइजेशन कराया जाना चाहिए। मास्क, सैनेटाइजर आदि बचाव सामग्री श्रमिकों को निशुल्क उपलब्ध कराये जाने चाहिए। हर पीएचसी में कोविड व अन्य बिमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त बेड, डाक्टर, नर्सिंग व अन्य स्टाफ, आक्सीजन, दवाई, एम्बुलेंस आदि की निशुल्क व पर्याप्त व्यवस्था की जाये।

सरकार ने कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के उद्देश्य से लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। लेकिन इस बात पर कोई भी विचार या उपाय नहीं किया कि लाकडाऊन के चलते जिन श्रमिकों को काम नहीं मिल सकेगा, उनके परिवारों का भरण-पोषण कैसे होगा। पहले से ही मजदूर, कारीगरों को काम कम मिल रहा था। अब तो काम ना मिलने के कारण परिजनों की भूखा मरने की नौबत आ गई है।

पिछले वर्ष लॉकडाउन काल में कुछ निर्माण श्रमिकों के खातों में हरियाणा सरकार ने आर्थिक मदद भेजी थी। मगर इस वर्ष किसी श्रमिक को सरकार ने कोई मदद नहीं दी जबकि इस बार संक्रमण का हमला पहले से भारी है। बेरोजगारी, महंगाई ज्यादा है। कोरोना संक्रमण किसी को भी बख्श नहीं रहा। ऐसी स्थिति में प्रदेश की कर्ताधर्ता  होने के नाते सरकार का प्राथमिक दायित्व बनता है कि वह जीवन सुरक्षा व रोजी-रोटी दोनों की व्यवस्था करे। अन्यथा सरकार की जरूरत भला आम आदमी को इससे ज्यादा और कब पड़ेगी।अत: प्रत्येक मजदूर परिवार को हर महीने 10,000 रूपए की नकद सहायता राशि व प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज, दाल आदि सूखा राशन प्रति माह दिया जाए।

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इस ज्ञापन के माध्यम से हम यह भी कहना चाहते हैं कि किसी दुर्घटनावश मजदूर – मिस्त्रियों की मौत पर जो सहायता राशि मिलने का प्रावधान है, उसके मिलने में भी वर्षों लग जाते हैं। इसी तरह, विवाह में कन्यादान व अन्य हितलाभ तरह-तरह की शर्तें लगाकर रोक कर रखे जा रहे हैं। इन सब नाजायज शर्तों और भ्रष्टाचार के चलते साधारण मजदूर, कारीगरों को हित-लाभ नहीं मिल रहे हैं। आपसे मांग है कि मृतक श्रमिक के परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए। नए पंजीकरण व नवीनीकरण की शर्तों को सरल किया जाए।

यह भी एक कटु तथ्य है कि बीओसीडब्ल्यू हरियाणा के खाते में श्रमिकों के कल्याण के लिए अरबों रुपए जमा हैं। उस राशि को लम्बे अरसे से मजदूरों की उपयोगिता के दायरे से करीब करीब बाहर रखा हुआ है। न तो पहले और न ही इस महामारी के समय श्रमिकों के हित में इसका सही उपयोग हो पा रहा है। यह बहुत ही गम्भीर पहलू है जिस पर सरकार व बोर्ड दोनों को तत्काल आवश्यक ध्यान दिये जाने की जरूरत है।

अत:हर गांव व शहरी वार्ड में निर्माण मजदूरों को विकल्प काम उपलब्ध कराया जाये। विभाग में भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में कोमल सिंह प्रधान, वजीर सिंह व् मदन शामिल रहे।

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