Gurugram

Health Department से निकाले कोरोना वॉरियर्स को वापस ड्यूटी पर ले सरकार

Health Department

Viral Sach – Health Department – गुरुग्राम, तब कोरोना महामारी में जरूरत पड़ी तो सरकार ने गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा में 2200 से अधिक कर्मचारियों को ठेके पर भर्ती किया। कोरोना काल में तो उन्हें कोरोना योद्धा तक का दर्जा दिया गया, लेकिन अब अचानक उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

अब इन कर्मचारियों ने सेक्टर-39 स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना भी शुरू कर रखा है। शुक्रवार को यहां 2 महिलाएं 3 पुरुष कर्मचारी भूख हड़ताल पर भी बैठे। इन कर्मचारियों की व्यथा सुनने और उनका साथ देने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता एडवोकेट अभय जैन व एडवोकेट अशोक वर्मा भी पहुंचे।

उन्होंने कर्मचारियों के बीच में बैठकर काफी समय तक उनकी बात सुनी। धरने पर बैठे कर्मचारी स्टाफ नर्स सोनिया, मोनू, विजय कुमार दीपिका, सोमबीर, रोहित  ने बताया कि जब काम करते थे, तब भी तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता था। अब उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। अब वे दूसरा काम क्या करें। शुक्रवार से 5 कर्मचारियों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। वे चाहते हैं कि सरकार किसी तरह से उनकी पुकार सुन ले।

आप कार्यकर्ता एडवोकेट अभय जैन ने कहा कि दो साल तक काम लेने के बाद आखिर एकाएक सरकार द्वारा इन कर्मचारियों को निकालना कहां तक न्यायसंगत है। नियमों के अनुसार अगर किसी कर्मचारी की नौकरी 6 महीने या इससे अधिक हो जाती है तो सरकार उसे इस तरह से नहीं निकाल सकती।

उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने कोविड19 के समय में जिस तरह से अपनी जान हथेली पर रखकर काम किया है, यह सरकार भी जानती है। सरकार ने ही इन कर्मचारियों को कोरोना योद्धा का दर्जा दिया था। अभय जैन ने कहा कि दिन-रात ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों के साथ सरकार नाइंसाफी कर रही है। सरकार को चाहिए कि बिना देरी के इन कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर ले।

एडवोकेट अशोक वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग समेत अनेक विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं। मुख्य विभाग शिक्षा, चिकित्सा का बुरा हाल है। ये विभाग कर्मचारियों की कमी झेल रहे हैं, इसके बावजूद भी यहां से कच्चे कर्मचारियों को सरकार पक्का करने की बजाय बाहर का रास्ता दिखा रही है।

सरकार की इस तरह की कार्यप्रणाली का आम आदमी पार्टी पुरजोर विरोध करती है। साथ ही मांग करती है कि गुरुग्राम समेत प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग से निकाले गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लिया जाए। सरकार आज नए कर्मचारी भर्ती करने की बजाय पुराने कर्मचारियों को हटाने पर ज्यादा जोर दे रही है।

Health Department

Translated by Google 

Viral Sach – Health Department – Gurugram, then the government recruited more than 2200 employees on contract in entire Haryana including Gurugram, when it was needed in the Corona epidemic. During the Corona period, he was given the status of even a Corona warrior, but now suddenly he was shown the way out.

Now these employees have also started picketing outside the Civil Surgeon office located in Sector-39. On Friday, 2 women and 3 men employees also sat on hunger strike here. Aam Aadmi Party leaders Advocate Abhay Jain and Advocate Ashok Verma also reached to listen to the grievances of these employees and to support them.

He sat among the employees and listened to them for a long time. Staff Nurse Sonia, Monu, Vijay Kumar Deepika, Sombir, Rohit sitting on dharna told that even when they used to work, they did not get salary for three months. Now he has been fired. What other work should they do now? From Friday, 5 employees also started hunger strike, including women. They want the government to somehow listen to their call.

AAP activist Advocate Abhay Jain said that after working for two years, to what extent is it justified by the government to suddenly fire these employees. According to the rules, if an employee’s job is for 6 months or more, then the government cannot remove him in this way.

He said that the government also knows the way these employees have worked putting their lives at stake during the time of Covid-19. The government itself had given the status of Corona warrior to these employees. Abhay Jain said that the government is doing injustice to these employees who do duty day and night. The government should take these employees back on duty without delay.

Advocate Ashok Verma said that lakhs of posts are lying vacant in many departments including the health department. The main department education, medicine is in bad condition. These departments are facing shortage of employees, yet instead of ensuring raw employees from here, the government is showing them the way out.

The Aam Aadmi Party strongly opposes this kind of functioning of the government. Also demands that the employees removed from the health department across the state including Gurugram be taken back on duty. Instead of recruiting new employees, the government today is giving more emphasis on removing old employees.

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