बिजली निगम ने PC Meena को दी विदाई, अब संभालेंगे कमिश्नर का पदभार

PC Meena

 

Viral Sach : दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक PC Meena को गत सांय हिसार स्थित मुख्यालय में फेयरवेल दी गई। पीसी मीणा ने डेढ़ वर्ष तक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्य किया।

पीसी मीणा का स्थानांतरण नगर निगम गुरुग्राम के कमिश्नर और गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के ओएसडी के रूप में हुआ है। सभी ने उन्हें बेहतर सेवाओं की शुभकामनाएं दी और उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।

प्रबंध निदेशक पीसी मीणा ने अच्छे विजन के साथ बेहतर मार्गदर्शन किया। इनकी सकारात्मक एवं दूरदर्शी सोच के परिणाम स्वरूप अनेकों प्रबंधकीय निर्णय लिए गए। इनके निर्देशन में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने राष्ट्रीय स्तर पर ए प्लस रेटिंग हासिल की और बिजली निगम ने अनेकों मुकाम हासिल किए।

इनमें बिजली निगम के लाइन लॉस को कम करना, सब स्टेशन बनाने के लिए भूमि प्राप्त करना, बकाया राशि की रिकवरी और उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से बिजली कनैक्शन देने आदि की अनेकों उपलब्धियां शामिल हैं।

पीसी मीणा की अगुवाई में बिजली निगम द्वारा विभिन्न बिल्डरों से बकाया राशि वसूल करना और उन क्षेत्रों में कनेक्शन जारी करना शामिल है। 13 विभिन्न बिल्डरों की एडेक्वेसी पेंडिंग थी और इन बिल्डर एरिया में बिजली के नए कनेक्शन बंद किए हुए थे। उपभोक्ताओं की सहमति से बकाया राशि जमा करवा कर उन्हें कनैक्शन दिए गए।

बिल्डर एरिया के रुके हुए 3500 कनेक्शन जारी किए गए। बकाया राशि के रूप में लगभग 68 करोड़ रुपए बिल्डर एरिया के उपभोक्ताओं ने जमा करवाए हैं ताकि उस राशि को उसी एरिया में खर्च करके बेहतर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा सके।

बिल्डर से बकाया राशि को वसूलने की प्रक्रिया जारी है जैसे ही बिल्डर द्वारा राशि जमा होगी, उपभोक्ताओं की उनकी राशि लौटा दी जाएगी। हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की आरडी सिटी के बिजली उपभोक्ताओं को उनकी राशि वापिस कर दी गई है।

बिल्डर किसी भी उपभोक्ता से ज्यादा बिलिंग चार्जेस न वसूल सके इसके लिए प्रबंध निदेशक पीसी मीणा ने यूनिफाइड बिलिंग सॉफ्टवेयर बनवाया। बिजली निगम ने इसे आरडब्लूए को फ्री में उपलब्ध करवाया।

गुरुग्राम की 15 बिल्डर सोसाइटी में इस बिलिंग का टेस्ट एंड ट्रायल हो चुका है। इन सभी बिल्डर एरिया के उपभोक्ताओं को एच ई आर सी के निर्देशानुसार उचित बिजली की बिलिंग मिल रही है। इस सॉफ्टवेयर से कोई भी बिल्डर अब बिजली उपभोक्ताओं से बिल के अतिरिक्त कोई राशि चार्ज नहीं कर सकेगा।

इस वित्तीय वर्ष में 130 करोड़ से अधिक की चोरी पकड़ी जा चुकी है। संपूर्ण वर्ष में 180 करोड़ की चोरी पकड़ने का लक्ष्य प्राप्त करने की पूर्ण संभावना है जोकि डीएचबीवीएन के इतिहास में पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक चोरी पकड़ने का लक्ष्य होगा। इससे बिजली निगम को लॉस कम करने में सहायता मिलती है।

औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति सुचारुता के लिए ‘उद्यमी के द्वार’ कार्यक्रम किए गए। गुरुग्राम, सिरसा, भिवानी और हिसार आदि में उधमी के द्वार कार्यक्रम करके औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए उचित हल किए गए। मौके पर ही उद्यमियों की मांग के अनुरूप उनके अतिरिक्त लोड भी सैंक्शन किए गए।

आरडब्ल्यूए द्वारा मेंटेन किए जा रहे ग्रुप हाउसिंग के 70 फीडर में से 61 फीडर की मेंटेनेंस भी बिजली निगम द्वारा टेकओवर की गई। इसमें से इन फीडरो में फाल्ट होने के बावजूद भी कम समय में एक्सपर्ट द्वारा तुरंत बिजली ठीक की जा रही है और इन सभी फीडर को बिजली निगम द्वारा मेंटेन किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए गुरुग्राम में सीबीओ का एक्सटेंशन एवं डाटा सेंटर कार्यालय भी बनाया गया। जोकि गुरुग्राम वासियों की काफी समय से ये मांग रही है।

ग्रामीण ढाणियों को भी रूरल डोमेस्टिक फीडर से जोड़ने के लिए ढाणियों के साथ साझेदारी का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके तहत 6 ढाणियों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता उपरांत अन्य ढाणियों को भी रूरल डोमेस्टिक फीडर से उचित बिजली आपूर्ति की जा सकेगी। यह ग्रामीण उपभोक्ताओं की बहुत पुरानी मांग रही है।

सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति प्रबंध निदेशक पीसी मीणा के मिलनसार व्यवहार की प्रशंसा की गई। इन्होंने सभी की बात को ध्यान से सुना और और निगम हित में ठीक व अच्छे निर्णय किए। सभी अधिकारियों ने उनके द्वारा किए गए कार्यों के उचित मार्गदर्शन करने पर उनका आभार प्रकट किया।

इस तबादला विदाई कार्यक्रम में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के निदेशक नीरज आहूजा, कोऑर्डिनेटर वी पी ठकराल, चीफ फाइनेंस अधिकारी सुशीला कुमारी, सभी मुख्य अभियंता विनीता सिंह, नवीन कुमार वर्मा, रजनीश गर्ग, वीके अग्रवाल, अनिल शर्मा तथा सभी अधीक्षण अभियंता एवं अनेकों अधिकारी उपस्थित रहे।

Translated by Google 

Viral News: PC Meena, Managing Director of Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam, was given Farewell last evening at the headquarters in Hisar. PC Meena worked on the post of Managing Director of Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam for one and a half years.

PC Meena is transferred and posted as Commissioner, Municipal Corporation Gurugram and OSD, Gurugram Metropolitan Development Authority. Everyone wished him for better services and wished him a bright future.

Managing Director PC Meena gave good guidance with good vision. As a result of his positive and visionary thinking, many managerial decisions were taken. Under his direction, Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam achieved A+ rating at the national level and Bijli Nigam achieved many milestones.

These include many achievements of reducing the line loss of the Electricity Corporation, obtaining land for construction of sub-stations, recovery of dues and providing electricity connections to the consumers quickly.

This includes recovery of dues from various builders by the power corporation headed by PC Meena and release of connections in those areas. Adequacy of 13 different builders was pending and new electricity connections were stopped in these builder areas. With the consent of the consumers, the connections were given to them after depositing the outstanding amount.

3500 stalled connections of builder area were released. About 68 crore rupees have been deposited as arrears by the consumers of the builder area so that better electricity infrastructure can be built by spending that amount in the same area.

The process to recover the dues from the builder is on, as soon as the amount is deposited by the builder, the consumers will be refunded their amount. For the first time in Haryana, the electricity consumers of Gurugram’s RD City have been refunded their amount.

Managing Director PC Meena got Unified Billing Software made so that the builder could not charge more billing charges from any consumer. Electricity Corporation made it available to RWAs free of cost.

Test and trial of this billing has been done in 15 builder societies of Gurugram. The consumers of all these builder areas are getting proper electricity billing as per the instructions of HERC. With this software, no builder will now be able to charge electricity consumers any amount other than the bill.

Thefts worth more than 130 crores have been detected in this financial year. There is every possibility of achieving the target of 180 crore theft for the whole year which will be the highest 10 year target in the history of DHBVN. This helps the power corporation to reduce the loss.

‘Udyami ke Dwar’ programs were done for smooth power supply to industrial consumers. Appropriate solutions have been worked out for better power supply to industrial consumers by undertaking Udhmi Dwar programs in Gurugram, Sirsa, Bhiwani and Hisar etc. On the spot, as per the demand of the entrepreneurs, their additional load was also sanctioned.

Maintenance of 61 feeders out of 70 feeders of group housing being maintained by RWA was also taken over by the Electricity Corporation. Out of this, despite the fault in these feeders, electricity is being rectified immediately by the experts in a short time and all these feeders are being maintained by the Electricity Corporation.

Extension and data center office of CBO has also been set up in Gurugram for speedy redressal of billing complaints of consumers. This has been the demand of the people of Gurugram for a long time.

A pilot project in partnership with the Dhanis is going on to connect the rural Dhanis with the rural domestic feeder. Under this, 24 hours electricity is being supplied to 6 dhanis. After the success of this pilot project, other dhanis will also be able to get proper electricity supply through rural domestic feeders. This has been a long standing demand of the rural consumers.

The friendly behavior of Managing Director PC Meena towards all the officers and employees was appreciated. He listened carefully to everyone and took correct and good decisions in the interest of the corporation. All the officers expressed their gratitude to him for properly guiding the work done by him.

Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam Director Neeraj Ahuja, Coordinator VP Thakral, Chief Finance Officer Sushila Kumari, all Chief Engineers Vinita Singh, Naveen Kumar Verma, Rajneesh Garg, VK Aggarwal, Anil Sharma and all Superintending Engineers and many others attended the transfer farewell programme. officers were present.

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