Haryana Government के मंत्रियों में जनता से सीधा संवाद करने का साहस नहीं : चौधरी संतोख सिंह

Santokh Singh

गुरुग्राम, 9 जनवरी 2021 ( ब्यूरो) – Haryana Government – किसानों की माँगो के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन के 44वें दिन किसान,मज़दूर तथा गुरुग्राम के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुख व्यक्ति धरने पर बैठे।

चौधरी संतोख सिंह, राव कमलबीर सिंह, आर एस राठी ने संयुक्त बयान में बताया कि आज किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान नेता रामपाल जाट ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। रामपाल जाट राजस्थान सरकार से एडिशनल एडवोकेट जर्नल का पद त्याग कर किसान आंदोलन से जुड़े थे।

रामपाल जाट ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि का कोरपोरेटाजेसन करना चाहती है।

उन्होने कहा कि ये क़ानून न सिर्फ़ किसान विरोधी हैं बल्कि आम जनता के ख़िलाफ़ है।

उन्होंने कहा कि MSP पर ख़रीद की गारण्टी का क़ानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि MSP पर ख़रीद की गारंटी का क़ानून बनता है तो उससे किसान मज़बूत बनेगा।उन्होंने कहा कि यदि किसान ख़ुशहाल होगा तभी भारत विश्व में महाशक्ति बनेगा।

चौधरी संतोख सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों काले कानूनों से जनता में आक्रोश है तथा जनता के आक्रोश के कारण हरियाणा सरकार के मंत्रियों में जनता से सीधा संवाद करने का साहस नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसी कारण से हरियाणा सरकार ने किसानों के कड़े विरोध के मद्देनज़र मंत्रियों को जिला शिकायत निवारण समितियों के अध्यक्ष पद से हटा कर प्रशासनिक अधिकारियों को अध्यक्ष बना दिया है जो सरकार की घबराहट को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि जिला शिकायत निवारण समितियाँ जन समस्याओं के निवारण के लिए बनायी गई है और यदि उनकी अध्यक्षता जनप्रतिनिधि नहीं करेंगे तो जन समस्याओं का हल नहीं हो पाएगा।

राव कमलबीर सिंह मिंटू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि देश का किसान एक जुट होकर घरों से बाहर निकलेगा उसी दिन सरकार घुटने टेक देगी।

आर एस राठी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि  तीनों काले क़ानून जन विरोधी है।धरने को निहाल सिंह धारीवाल एडवोकेट,अरुण शर्मा एडवोकेट,नरेन्द्र महलावत एडवोकेट,दान सिंह तवंर, जयप्रकाश रेहडू, भूप सिंह कटारिया,हरी सिंह चौहान ने भी संबोधित किया।

धरने पर बैठने वालों में राम स्वरूप नंबरदार, अमन जैलदार, सुखबीर फोजी, अनशुल धारीवाल, प्रिंस धारीवाल, हरपाल सिंह धारीवाल, जयसिंह, नवीन, महावीर, नरेन्द्र गिल, सोहना विधानसभा से चुनाव लड़े रोहतास बेदी, तनवीर अहमद, नरेंद्रपाल किलहोड, राजकुमार राठी, राहुल किलहोड, उम्मेद सिंह महलावत, सुधीर कटारिया, अमित नेहरा, बलवान सिंह दहिया, वीरेंद्र कटारिया, जयप्रकाश रेहडू, अभय पूनिया, योगेश्वर दहिया, दलबीर सिंह मलिक, आर के देशवाल, मनोज शोराण, अमित पंवार, दिलबाग सिंह, सुधीर कटारिया, बीरेंद्र सिंह कटारिया, तारीफ़ सिंह डॉक्टर सारिका वर्मा तथा सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।

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Gurugram, January 9, 2021 (Bureau) Chaudhary Santokh Singh, president of United Kisan Morcha Gurugram and former head of District Bar Association Gurugram, sitting on an indefinite dharna in support of the demands of the farmers, told that on the 44th day of the farmers’ movement, farmers, laborers and various people of Gurugram. Prominent persons of social organizations sat on dharna.

Chaudhary Santokh Singh, Rao Kamalbir Singh, RS Rathi said in a joint statement that today the National President of Kisan Panchayat and farmer leader Rampal Jat reached the protest site and supported the farmers. Rampal Jat was associated with the farmers’ movement by relinquishing the post of Additional Advocate Journal from the Government of Rajasthan.

Addressing the dharna, Rampal Jat said that the government has bowed down before the capitalists.

He said that a law should be made to guarantee purchase on MSP. He said that if a law is made to guarantee purchase on MSP, then the farmer will become strong.

Addressing the dharna, Chaudhary Santokh Singh said that there is anger among the public due to the three black laws and due to public anger, the ministers of Haryana government do not have the courage to communicate directly with the public.

He said that for this reason, in view of the strong protest of the farmers, the Haryana Government has removed the ministers from the post of the District Grievance Redressal Committees and made the administrative officers as the chairman, which shows the nervousness of the government.

He said that District Grievance Redressal Committees have been formed for redressal of public problems and if public representatives do not preside over them, then public problems will not be solved.

Rao Kamalbir Singh Mintoo while addressing the dharna said that the farmers of the country will come out of their homes unitedly and the government will kneel on the same day.

RS Rathi while addressing the dharna said that all three black laws are anti-people. The dharna was also addressed by Nihal Singh Dhariwal Advocate, Arun Sharma Advocate, Narendra Mahlawat Advocate, Dan Singh Tawar, Jaiprakash Rehdu, Bhup Singh Kataria, Hari Singh Chauhan. did.

Ram Swaroop Numberdar, Aman Zaildar, Sukhbir Foji, Anshul Dhariwal, Prince Dhariwal, Harpal Singh Dhariwal, Jaisingh, Naveen, Mahavir, Narendra Gill, Rohtas Bedi, Tanveer Ahmed, Narendra Pal Kilhod, Rajkumar Rathi contested from Sohna assembly. , Rahul Kilhod, Umaid Singh Mahlawat, Sudhir Kataria, Amit Nehra, Balwan Singh Dahiya, Virendra Kataria, Jaiprakash Rehdu, Abhay Poonia, Yogeshwar Dahiya, Dalbir Singh Malik, RK Deshwal, Manoj Shoran, Amit Panwar, Dilbag Singh, Sudhir Kataria, Birender Singh Kataria, Tareez Singh Dr Sarika Verma and hundreds of people attended.

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