जिला के 50 बेड से ज्यादा क्षमता वाले अस्पतालों को लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने या पीएसए का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं - उपायुक्त

जिला के 50 बेड से ज्यादा क्षमता वाले अस्पतालों को लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने या पीएसए का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं – उपायुक्त

गुरुग्राम, 7 मई। गुरुग्राम जिला में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा तथा बेहतर बेड प्रबंधन करने को लेकर आज उपायुक्त डॉ यश गर्ग की अध्यक्षता में जिला परामर्श समिति की बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त डॉ गर्ग ने बताया कि जिला में ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि जिला के 50 बेड से ज्यादा क्षमता वाले अस्पतालों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपनी ऑक्सीजन की जरूरत का प्रबंध स्वयं करें। इसके लिए चाहे वे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाएं या पीएसए की व्यवस्था करें। इस बारे में उपायुक्त डॉ गर्ग की तरफ से इन बड़े अस्पतालों को पत्र भी भेजा गया है। डॉक्टर गर्ग ने बताया कि फिलहाल गुरुग्राम में 6 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। इनके अलावा जिला प्रशासन सीएसआर के तहत भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाने के लिए प्रयासरत है। जब तक ये प्लांट चालू हों तब तक जिला प्रशासन ऑक्सीजन आपूर्ति की मात्रा बढ़ाने के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटरो का प्रबंध कर रहा है। प्रशासन को लगभग 50 कंसंट्रेटर मिल भी चुके हैं और कोशिश है कि अगले 7 से 8 दिन में 250 से 300 कंसंट्रेटर की व्यवस्था कर ली जाए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र यादव ने बताया कि गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल में पीएसए आधारित 1000 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा और इसके अलावा उपमंडल अस्पताल सोहना तथा पटौदी में भी पीएसए आधारित 200 – 200 एलपीएम क्षमता के प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें से सोहना में तो काम शुरू भी हो चुका है। ये अक्सीजन प्लांट एचएलएल इंफ्रा टेक द्वारा लगाए जाएंगे। डॉ यादव ने कहा कि ये तीनों ऑक्सीजन प्लांट इस महीने के आखिर तक फंक्शनल होने की उम्मीद है।

उपायुक्त डॉ गर्ग ने कहा कि गुरुग्राम में स्थित छोटे अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई की दिशा में पिछले दो-तीन दिन में काफी बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पताल तो ऐसे हैं जो कोविड के ईलाज के लिए जिला प्रशासन के साथ पंजीकृत ही नहीं है, ऐसे अस्पतालों की ऑक्सीजन की आवश्यकता का अनुमान लगाना मुश्किल है। साथ ही उपायुक्त डॉ गर्ग ने विश्वास दिलाया कि जो अस्पताल जिला प्रशासन के साथ पंजीकृत हैं उनमें वर्तमान में भर्ती कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इंजेक्शन रेमडेसीविर तथा टॉसिलिजूमैब की आपूर्ति के संबंध में उपायुक्त डॉ गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकार हर जिला का रेमडेसीविर इंजेक्शन का कोटा जारी करेगी जिसका मरीजों की संख्या के हिसाब से सिविल सर्जन द्वारा अस्पतालों को वितरण किया जाएगा। इंजेक्शन टॉसिलिजूमैब के लिए सरकार ने पीजीआइएमएस रोहतक के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ ध्रुव चौधरी की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति मरीज का प्रेसक्रिप्शन देखने के बाद इंजेक्शन जारी करेगी जो पीजीआईएमएस रोहतक से ही आएगा। ये इंजेक्शन प्राइवेट स्टॉकिस्ट के पास नहीं मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम जिला में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने रेट निर्धारित कर दिए हैं और यदि कोई ओवरचार्जिंग की शिकायत आती है तो उस एंबुलेंस को जब्त करके प्रशासन चलवाएगा।

बेड की उपलब्धता के बारे में उपायुक्त डॉक्टर गर्ग ने बताया कि जिला में अस्थाई अस्पताल बनाए जा रहे हैं जिनमें अगले लगभग एक सप्ताह में लगभग 400 बेड की व्यवस्था होगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ताऊ देवीलाल स्टेडियम में 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है जो मेदांता अस्पताल चलाएगा। हीरो मोटोकॉर्प के सहयोग से सेक्टर 27 में 100 बेड के अलावा भारतीय वायु सेना व एम3एम मिलकर 150 बेड की व्यवस्था की जा रही है। डीएलएफ के सहयोग से 50 बेड का अस्थाई अस्पताल बनाया जा रहा है।

ज़िला में होम आइसोलेशन में रह रहे ऐसे मरीजों जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता है, उनके लिए भी योजना तैयार की गई है। डॉक्टर गर्ग ने कहा कि वर्तमान में केवल स्टार गैस पर ही व्यक्तिगत ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जा रहे हैं जिससे लोगों को दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही पोर्टल बनाया जाएगा जहां पर ऐसे मरीज या उनके अटेंडेंट रजिस्टर करवा पाएंगे। उसके बाद शहर में 25 – 30 डिसेंट्रलाइज्ड पॉइंट बनाकर जरूरतमंद लोगों को ऑक्सीजन के सिलेंडर वितरित किए जाएंगे। इस कार्य में सिविल डिफेंस, एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा।

आज की वर्चुअल बैठक में गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, पटौदी के विधायक सत्य प्रकाश जरावता, गुड़गांव के सांसद केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत के प्रतिनिधि के तौर पर उनके निजी सचिव नरेश शर्मा, निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष कल्याण सिंह चौहान, अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पवार, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट ललिता पटवर्धन, नगराधीश सिद्धार्थ दहिया, सिविल सर्जन डॉक्टर वीरेंद्र यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी लक्ष्मी नारायण गोयल उपस्थित थे।

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