एम3एम फाउंडेशन द्वारा गुरुग्राम सेक्टर-67 में आयोजित ‘खुशियों का मेला’ ने वंचित बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान

Viral Sach : कोरोनावायरस महामारी ने उन बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बहुत प्रभावित किया है जिन्हें लंबे समय तक घरों के अंदर रहना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के बंद होने, सीमित सामाजिक संपर्क और पार्कों या खेल के मैदानों में कम से कम शारीरिक गतिविधियों ने बोरियत और थकान को बढ़ा दिया है। उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए, उनके मूड को फिर से जीवंत करने और उनके उत्साह को बढ़ाने के लिए, एम3एम फाउंडेशन ने अपने प्रमुख आईएमपॉवर कार्यक्रम के तहत गुरुग्राम के सेक्टर 67, आईएमपॉवर रिसोर्स सेंटर में दो दिवसीय उत्सव “खुशियों का मेला” का आयोजन किया। सभी आईएमपॉवर क्लबों के 150 से अधिक बच्चों और उनके माता-पिता ने सक्रिय रूप से मनोरंजक गतिविधियों और खेलों में भाग लिया और खाने के स्टालों पर बहुत खुशी और उत्साह के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन श्री बसंत बंसल जी के द्वारा किया गया तथा इस अवसर पर डॉ पायल कनोडिया ट्रस्टी, एम3एम फाउंडेशन, श्री मोहित चड्ढा, ट्रस्टी, एम3एम फाउंडेशन, डॉ. ऐश्वर्य महाजन, प्रेसिडेंट, एम3एम फाउंडेशन उपस्थित रहे एवं अन्य गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

एम3एम फाउंडेशन की ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने इस विषय में बात करते हुए कहा,” बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए खेल और खेलकूद की गतिविधियाँ बहुत आवश्यक हैं। बच्चे काफी देर से अपने घरों के अंदर रह रहे थे और बोर हो रहे थे। यह दो दिवसीय उत्सव उनके चेहरों पर मुस्कान लाने और उन्हें अपने दोस्तों और माता-पिता के साथ अच्छा समय बिताने का मौका देने का हमारा छोटा सा प्रयास है। इस तरह के उत्सव न केवल बच्चों के मूड को फिर से जीवंत करते हैं बल्कि स्वस्थ भविष्य के लिए स्वस्थ दिमाग का विकास भी करते हैं।“

दो दिवसीय कार्यक्रम में बच्चों ने मनोरंजक गतिविधियों का आनंद लिया और क्राफ्ट/क्ले पॉट ट्रेनर, गन शूटिंग, रिंग विन गेम, डार्ट गेम, सॉफ्ट तीरंदाजी, स्टोन पेंटिंग, जाइंट व्हील, कोलंबस और अन्य जैसे खेलों में भाग लिया। उन्होंने गोल गप्पे, भेलपुरी, टिक्की छोले, चाउमीन, लिट्टी चोखा, कुल्फी, चाय, बंता और कैंडी फ्लॉस जैसे स्वादिष्ट स्नैक्स का भी आनंद लिया। बच्चों के मनोरंजन के लिए एक एम्सी, जादूगर और एक टैटू आर्टिस्ट भी मौजूद थे।

सुप्रिया यादव , प्रोजेक्ट मैनेजर, एड-एट-एक्शन ने कहा, “महामारी शुरू होने के बाद से ‘आईएमपॉवर’ कार्यक्रम निर्माण स्थलों पर हमारे बच्चों के साथ काम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और उनकी निरंतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रयास किए गए हैं। खुशियों का मेला मनोरंजन को वापस लाने के हमारे प्रयासों का एक विस्तार है। हमें खुशी है कि इस प्रयास ने इन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है।”

आईएमपॉवर छात्र के माता-पिता ने कहा, “ इस प्रकार के आयोजन से एक सकारात्मक माहौल मिलता है और बच्चों ने यहां खूब आनंद लिया। महामारी के कारण वे घरों में खाली बैठे थे और बोर हो रहे थे। मैं एम3एम फाउंडेशन को “खुशियों का मेला” आयोजित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी।“

एम3एम फाउंडेशन, एक अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन एड-एट-एक्शन (Aide-et-Action) के साथ मिलकर आईएमपॉवर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक चला रहा है। यह समझते हुए कि अच्छा प्रशिक्षण और कौशल विकास महत्वपूर्ण है, संगठन इस कार्यक्रम के तहत मुफ्त कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी चला रहा है ताकि वंचितों को नौकरी के लिए तैयार करके उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और गुरुग्राम में नौकरी खोजने में उनका सपोर्ट किया जा सके। यह 300 लड़कियों (5-15 वर्ष की आयु) को प्रारंभिक शिक्षा भी प्रदान कर रहा है और उसके बाद सरकारी स्कूलों में नामांकन के लिए सहायता भी प्रदान कर रहा है।

एम3एम फाउंडेशन, एम3एम ग्रुप की परोपकारी शाखा है जो एक उज्जवल भारत के सपनों को पूरा करने के लिए समान विकास लाने की दिशा में काम कर रहा है। शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और सामाजिक-आर्थिक विकास इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। फाउंडेशन आत्मनिर्भर कार्यक्रमों को विकसित करके सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण अपनाने में विश्वास करता है।

Read Previous

वजीराबाद झील पर पार्क के सौंदर्यकरण की विधायक ने रखी आधारशिला

Read Next

महाराजा अग्रसेन की तरह पीएम मोदी भी गरीबों को दे रहे हैं पक्के मकान: सुधीर सिंगला

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Most Popular