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Dera Sacha Sauda में धूमधाम से मनाया गया पावन MSG महारहमोकरम दिवस

Dera Sacha Sauda

 

Viral Sach – सिरसा। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन महारहमोकरम (गुरुगद्दीनशीनी) दिवस का एमएसजी महारहमोकरम दिवस भंडारा Dera Sacha Sauda की करोड़ों साध-संगत ने मंगलवार को देश और दुनिया में धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया।

इस अवसर पर शाह सतनाम जी धाम, सरसा में भारी तादाद में साध-संगत उमड़ी। साध-संगत के भारी उत्साह के समक्ष प्रबंधन द्वारा किए गए सभी इंतजामात छोटे पड़ गए। शाह सतनाम जी धाम के मुख्य पंडाल सहित 87 एकड़ में बनाए गए अलग-अलग पंडालों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। चहुंओर नाचते-गाते, खुशी में झूमते श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे।

इस अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से विशाल रूहानी सत्संग फरमाया, जिसे साध-संगत ने बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से एकाग्रचित होकर श्रवण किया।

इस अवसर पर पूज्य गुरु जी ने इन्सानियत मुहिम के तहत सड़कों पर बदहाल घूमते मंदबुद्धियों की सार-संभाल व उनका उपचार करवाकर उन्हें उनके घर पहुंचाने में टॉप रहने वाले राजस्थान के ब्लॉक केसरीसिंहपुर के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार राजेन्द्रपाल इन्सां को शानदार ट्राफी और प्रेम निशानी देकर सम्मानित किया।

इस बहादुर सेवादार ने 125 मंदबुद्धियों का इलाज करवाकर उन्हें सही सलामत उनके घर पहुंचाया। राजेन्द्र पाल इन्सां ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ट्रेन के आगे आ रही एक महिला को भी मौत के मुंह से बचाया।

साथ ही मानवता भलाई के 155वें कार्य पेड कैम्पेन व 156वें कार्य फास्टर कैम्पेन का आगाज किया। पेड कैम्पेन के तहत साध-संगत अपनी एक दिन की सैलरी (वेतन) जरूरतमंदों की मदद करने में खर्च करेगी। वहीं फास्टर कैम्पेन के तहत अपने वाहनों में फर्स्ट एड किट रखेगी ताकि रास्ते में किसी दुर्घटनाग्रस्त मिले व्यक्ति की जान बचाई जा सके।

वहीं जरूरतमंद परिवार को जिला सरसा के ब्लॉक रामपुरथेड़ी चक्कां की साध-संगत द्वारा बनाकर दिए गए मकान की चाबी भी सौंपी गई। पावन भंडारे के अवसर पर नई किरण मुहिम के तहत एक परिवार ने अपनी विधवा बहू को बेटी बनाकर उसकी शादी की। साथ ही नई सुबह मुहिम के तहत तलाकशुदा महिला और जीवन आशा मुहिम के तहत विधवा की भक्तयोद्धाओं के साथ शादियां हुई।

एमएसजी भंडारे को लेकर डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत में अनुपम श्रद्धा, अद्वितीय विश्वास और अद्भुत जोश व जज्बा देखने को मिला। सोमवार रात्रि से ही शाह सतनाम जी धाम व शाह मस्ताना जी धाम में साध-संगत का आना शुरू हो गया। सुबह 11 बजे एमएसजी रहमोकरम दिवस के भंडारे के रूहानी सत्संग की शुरूआत से पहले ही विशाल पंडाल साध-संगत से खचाखच भर चुका था। इसके साथ ही आश्रम की ओर आने वाले सभी मार्गों पर जहां तक नजर पहुंच रही थी, साध-संगत का जन समूह ही नजर आया।

सर्वप्रथम साध-संगत ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा के पवित्र नारे के साथ पावन एमएसजी महारहमोकरम दिवस के भंडारे की बधाई दी। इसके पश्चात कविराजों ने विभिन्न भक्तिमय भजनों के माध्यम से सतगुरु जी की महिमा का गुणगान किया।

तत्पश्चात पूज्य गुरु जी ने रूहानी सत्संग में फरमाया कि पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी दाता, रहबर ने हम पर महान परोपकार किए। हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे, ये अपने मुरीदों के लिए, अपने शिष्यों के लिए बात कही। और आज सच्चे सौदे के साढ़े छह करोड़ लोग राम-नाम से जुड़े हैं, जो नशे छोड़ चुके हैं, बुराइयां छोड़ चुके हैं, भक्ति से जुड़ गए हैं।

आज फिर से वो ही बात दोहराते हुए हम फिर से कहते हैं कि बेपरवाह जी ने यही फरमाया था ह्यगुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे, तो आज भी ज्यों का त्यों वो बरकरार है। आज का दिन इसलिए भी विशेष हो जाता है कि आज के दिन दाता, रहबर (शाह मस्ताना जी) ने सरेआम जाहिर किया कि हम शाह सतनाम, जिसे दुनिया ढूंढती है, आप सबके सामने जाहिर कर रहे हैं, आप सबके सामने उनको बैठा रहे हैं। तो मुर्शिद-ए-कामिल दाता का जो रहमोकरम है, वो हम सब पर बेइंतहा है।

उन्होंने गाँव, शहरों और कस्बों में जा-जाकर लोगों का नशा छुड़ाया, बुराइयां छुड़ाई और नरक जैसे घरों को स्वर्गमय बना दिया। तो उस दाता को अरबों-खरबों बार सजदा है, नमन है।

 

Dera Sacha Sauda

 

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि उस परमपिता परमात्मा, दाता ने हमें वो नजारे दिए, जो दोनों जहानों में हमेशा बरकरार रहने वाले हैं। सर्वधर्म संगम, सभी धर्मों का सत्कार करना सिखाया।

आज सच्चा सौदा में जो सेवादार बैठते हैं, साध-संगत बैठती है, वो ये पूछकर नहीं बैठती कि तेरा धर्म कौन सा है? बल्कि एक-दूसरे को भगवान से प्रेम करने वाला प्रेमी कहती है, सत्संगी कहती है, भाई कहती है, बहन कहती है या बुजुर्ग कहती है। कभी भी कोई किसी धर्म-जात, मजहब के बारे में नहीं पूछता। ये नहीं कहता कि तूं कौन से धर्म वाला है? ये नहीं कहता कि आगे तो ये धर्म वाला बैठेगा बाकी पीछे बैठेंगे, यहां ऐसा कुछ भी नहीं है।

इन्सानियत, मानवता का पाठ शाह सतनाम जी दाता रहबर ने, शाह मस्ताना जी दाता रहबर ने सच्चा सौदा बनाकर चलाया। इसमें रूहानियत, सूफियत का ये मार्ग है, जो उन्होंने चला रखा है, चल रहा है, चलता रहेगा। यहां जो भी श्रद्धा भाव से आकर बैठता है और ध्यान से सुनता है उसे अपने हर सवाल का जवाब मिल जाया करता है। सूफियत का मतलब समाज में रहकर, भक्ति इबादत करके समाज की बुराइयों को दूर करना।

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि उस परमपिता परमात्मा, उस दाता रहबर की चर्चा करते हैं। संतों का काम इस समाज में आकर बुराइयां दूर करना होता है।

संत किसी के धर्म, मजहब में दखल नहीं देते, बल्कि वो तो सिखाते हैं कि अपने-अपने धर्म में रहते हुए अपने-अपने धर्म को मान लो। और हम कितनी बार कह चुके हैं कि सभी धर्मों के भक्त अगर इस मिनट धर्म को मानना शुरू कर देंगे तो अगले मिनट धरती पर प्यार, मोहब्बत की गंगा बहने लगेगी।

क्योंकि धर्मों में बेगर्ज, नि:स्वार्थ प्यार की बात कही है। फिजूल की बहस ना करो, किसी को गलत ना बोलो, किसी की निंदा ना करो, किसी का निरादर ना करो, सबका सत्कार करो, सबकी इज्जत करो, नशे ना करो, माँसाहार को त्याग दो, क्योंकि इससे निर्दयता आती है, आदमी के अंदर से रहम नाम की चीज चली जाती है, दया नाम की चीज चली जाती है।

तो ऐसी भक्ति की बातें हमारे संत, पीर-फकीरों ने बताई और वही बात दाता, रहबर ने बहुत सारे भजनों के माध्यम से कही, कि कभी किसी का बुरा ना सोचो। कभी किसी का दिल ना दुखाओ। दिल ना किसी का दुखाना भाई, दिल ना किसी का दुखाना, हर दिल में प्रभु का ठिकाना भाई, हर दिल में प्रभु का ठिकाना, कि कभी किसी का दिल ना दुखाओ। हाँ, वचनों पर पक्के रहना जरूरी है।

उसके बाद किसी पर टोंट ना कसो, किसी का बुरा ना तकाओ, किसी को बुरा कहो ना। क्योंकि जब आप दूसरों का दिल दुखाते हैं तो भगवान की प्राप्ति की सोच भी नहीं सकते, क्योंकि हर दिल में वो रहता है। कण-कण, जर्रे-जर्रे में प्रभु मौजूद है। तो अगर आपका मूड खराब है। अगर आप सही नहीं हैं सोच में, या आपको कोई टैंशन है, कोई परेशानी है तो आप उस परेशानी को, उस टैंशन को सुमिरन के द्वारा, भक्ति-इबादत के द्वारा दूर करें, ना कि किसी पर चिल्ला कर, किसी को बुरा कहकर।

कई बार होता है कि घर में कोई परेशानी आ जाती है, कोई मुश्किलें होती हैं आप घर में कहने की बजाय बाहर समाज में जाकर वो बात कहते हैं, गलत बोलते हैं तो एक तरह से आप प्रभु की औलाद का दिल दुखाते हैं।

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हमने कितनी बार आपसे बोली है ये चीज, बेपरवाह जी भी फरमाया करते, हर बॉडी में उन्होंने बोला, कि पहले तोलो और फिर बोलो।

बोलने से पहले थोड़ा ब्रेक लिया करो, तुनकमिजाजी अच्छी नहीं होती, कि आपको कोई बात कही गई और झट से आपने उस पर रिएक्ट कर दिया, खास करके गुस्से वाला या कड़वा किसी को बोल दिया, ये गलत बात है। आपको कोई किसी के बारे में गलत कहता है, किसी के बारे में गलत बोलता है या आपके पास आकर कोई किसी की चुगली करता है, कि फलां आदमी आपके बारे में बहुत बुरा कहता है, फलां आदमी आपको गालियां देता है तो आप उसी समय राशन पानी लेकर उसके ऊपर ना चढ़ो। बल्कि विराम दो एक दिन कम से कम। आप उससे बात ना करो।

एक दिन में आपका 50 पर्सेंट गुस्सा तो वैसे ही चला जाएगा। और फिर जब प्यार से जाकर पूछोगे कि क्या भाई मुझे आपने ऐसा बोला है तो यकीन मानो जो उसने बताया होगा, उससे 5-10 पर्सेंट ही बोला होगा, उसने 100 पर्सेंट उसे पॉलिश करके या मसाला लगाकर आप तक पहुँचाया। तो आप समझ जाएंगे कि वो आदमी आपको लड़ाना चाहता है। तो फिर उसकी बात पर जल्दी से यकीन ना करें।

क्योंकि ऐसे उस्ताद समाज में बहुत हैं, जो लड़ाने का काम करते हैं। आमतौर पर जोड़ने वाले कम हैं, तोड़ने वाले ज्यादा हैं। जोड़ने वाले वो लोग हैं जिनके माँ-बाप के अच्छे संस्कार हैं या हमारे संत, पीर-पैगम्बर, गुरु, महापुरुषों के वचनों पर जो अमल करते हैं, भक्तजन हैं वो तो जरूर जोड़ने का काम करते हैं, कि हाँ भई लड़ो नहीं, आपस में मिलकर रहो। वरना आज के दौर में लोग तोड़ने का काम ज्यादा करते हैं। एक-दूसरे को लड़ाना, चार भाई इकट्ठे रहते हैं उनको अलग-अलग करने की स्कीमें बनाना।

भंडारे की समाप्ति पर आई हुई साध-संगत को हजारों सेवादारों ने कुछ ही मिनटों में हलवे का प्रसाद और मटर-सोयाबीन बड़ी के दाले वाला लंगर-भोजन बरता दिया।

 

Dera Sacha Sauda

 

वर्णनीय है कि डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने 28 फरवरी 1960 को पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज को गुरुगद्दी की बख्शिश कर अपना रूप बनाया।

इस दिवस को डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत एमएसजी महारहमोकरम दिवस के रूप में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती है। साध-संगत के लिए दिन-रात एक करते हुए पूजनीय परम पिता जी ने 11 लाख से अधिक लोगों को राम-नाम की अनमोल दात प्रदान करके नशे, मांसाहार और हरामखोरी जैसी बुराइयां छुड़वाकर इन्सानियत की भलाई के कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

वहीं आज दिन-दोगुणी और रात-चौगुणी गति से मानवता पर उपकार करते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां साढ़े छह करोड़ से अधिक लोगों का नशा और बुराइयां छुड़वाकर अपना अथाह प्रेम और रहमतें बरसा रहे हैं।

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मानवता भलाई के हर कार्य हर कार्य की शुरूआत पूज्य गुरु जी खुद से करते हैं और साध-संगत के लिए प्रेरणा बनते हैं।

इसी कड़ी में पावन एमएसजी महारहमोकरम दिवस के भंडारे के अवसर पर पूज्य गुरु जी व रूह दी हनीप्रीत इन्सां ने फास्टर मुहिम के तहत नशा छुड़ाने के अभियान में दूर-दराज तक ट्रैवलिंग करने वाले 50 सेवादारों को फर्स्ट एड किटें दी। किट में बैंडेड, छोटी कैंची, एनएस 100 एमएल जख्म साफ करने के लिए, डेटोल या सेवलॉन, बीटाडीन, पट्Þटी व स्वैब, मूव या वॉलिन स्प्रे, रक्तरोधी पट्टी, कॉटन रोल, गर्म पट्टी, कैटरोल टैबलेट, ज्यादा दर्द के लिए डिस्प्रिन व सोरबिटे टैबलेट घबराहट, दिल, छाती में दर्द व हार्ट अटैक की स्थिति में बचाव में सहायक चीजें जो डॉक्टरों ने बताई हैं, वे शामिल की गई हैं।

 

Dera Sacha Sauda

 

नशा छोड़ने वालों को पूज्य गुरु जी ने दी 25 हेल्दी डाइट किटें

इसके साथ ही पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से नशा छोड़ने वाले युवाओं को सेफ कैम्पेन के तहत पूज्य गुरु जी की ओर से 25 युवाओं को हेल्दी डाइट किटें दी गई। इस किट में वेव प्रोटीन एक किलो, मल्टी विटामिन, बादाम एक किलो, पिस्ता 250 ग्राम, 250 ग्राम किशमिश, 250 काजू, छोटी इलायची एक पैकेट, काले चने, इसबघोल और ओआरएस आदि शामिल है।

– छोटा पड़ गया विशाल पंडाल
-आश्रम की ओर जाने वाले मार्गों पर लगे लंबे जाम
-साध-संगत को कुछ ही मिनटों में बांटा हलवे का प्रसाद और मटर-सोयाबीन बड़ी के दाले का लंगर-भोजन।

Translated by Google 

Viral News – Dera Sacha Sauda Sirsa. MSG Maharahmokaram Day, the holy Maharahmokaram (Gurugaddinshini) Day of Revered Supreme Father Shah Satnam Ji Maharaj, was celebrated by crores of devotees of Bhandara Dera Sacha Sauda with pomp and enthusiasm in the country and the world on Tuesday.

On this occasion, a large number of devotees gathered at Shah Satnam Ji Dham, Sarsa. All the arrangements made by the management fell short in front of the huge enthusiasm of the Sadh-Sangat. There was no space even to set foot in the different pandals built over 87 acres including the main pandal of Shah Satnam Ji Dham. Only the devotees were seen dancing and singing and dancing in happiness.

On this occasion, Revered Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan delivered a huge spiritual satsang through online Gurukul, which was listened to by the devotees with concentration through big screens.

On this occasion, Pujya Guru Ji honored Rajendrapal Insan, Sevadar of Shah Satnam Ji Green Ace Welfare Force Wing of Kesrisinghpur Block, Rajasthan, who was at the top in taking care of the retarded people roaming on the streets and getting them treated and taken to their homes under the Insaniyat campaign. Awarded with a splendid trophy and a token of love.

This brave servant got 125 retarded people treated and brought them home safely. Rajendra Pal Insan saved a woman coming in front of the train from the face of death without caring for his own life.

Along with this, he started the 155th Work Paid Campaign and 156th Work Faster Campaign for the welfare of humanity. Under the paid campaign, Sadh-Sangat will spend one day’s salary to help the needy. On the other hand, under the Faster campaign, it will keep first aid kit in its vehicles so that the life of any person found in an accident on the way can be saved.

At the same time, the needy family was also handed over the keys of the house built by the Sangat of Rampurthedi Chakkan block of district Sarsa. On the occasion of Pawan Bhandare, under Nai Kiran campaign, a family married their widowed daughter-in-law by making her a daughter. Also, marriages of divorced women under Nai Subah campaign and widows under Jeevan Asha campaign took place with the devotees.

In the company of Dera Sacha Sauda regarding MSG Bhandare, unique devotion, unique faith and amazing enthusiasm and spirit were seen. Devotees started coming to Shah Satnam Ji Dham and Shah Mastana Ji Dham from Monday night itself. Even before the beginning of the spiritual satsang of Bhandara of MSG Rahmokaram Day at 11 am, the huge pandal was packed with devotees. Along with this, on all the routes leading to the ashram, as far as the eye could see, only a group of people could be seen.

First of all, the Sadh-Sangat congratulated respected Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan on the occasion of holy MSG Maharahmokaram Diwas Bhandara with the holy slogan of Dhan-Dhan Satguru Tera Hi Aasra. After this, poets praised the glory of Satguru ji through various devotional hymns.

After that, respected Guru Ji said in a spiritual satsang that respected Param Pita Shah Satnam Ji Data, Rahbar has done great charity on us. We were, we are and we will remain the same, said this for our followers, for our disciples. And today six and a half crore people of true deal are associated with the name of Ram, who have given up intoxication, have given up vices, have joined devotion.

Today again, repeating the same thing, we say again that Beparwah ji had said that we were the Guru, we are and we will remain so, so even today it is intact. Today also becomes special because on this day the giver, Rehbar (Shah Mastana ji) publicly declared that we Shah Satnaam, whom the world is looking for, we are declaring in front of all of you, we are making him sit in front of all of you. . So the mercy of the benefactor Murshid-e-Kamil is limitless on all of us.

He went to villages, cities and towns to get rid of people’s intoxication, got rid of evils and made hell-like homes heavenly. So, I bow down to that giver billions of times, I bow down.

Revered Guru Ji said that the Supreme Father, the Supreme Soul, the Bestower has given us those views, which are going to remain forever in both the worlds. Sarvadharma Sangam, taught to respect all religions.

Today, the servants who sit in Sacha Sauda, sit in company, they do not sit asking what is your religion? Rather, one who loves God calls each other a lover, calls him a satsangi, calls him a brother, calls him a sister or calls him an elder. No one ever asks about any religion, caste or religion. It doesn’t say which religion do you belong to? It doesn’t say that the person of this religion will sit in front, others will sit behind, there is nothing like that here.

Shah Satnam ji Data Rahbar, Shah Mastana ji Data Rahbar made the lesson of humanity, a true deal. In this there is this path of spirituality, Sufiyat, which he has followed, is continuing, will continue to continue. Whoever comes and sits here with devotion and listens carefully, gets answers to all his questions. Sufiyat means to remove the evils of the society by living in the society and doing devotional worship.

Respected Guru ji said that he talks about that Supreme Father Supreme Soul, that Bestower. The job of saints is to remove evils by coming in this society.

Saints do not interfere in anyone’s religion, rather they teach that while living in your own religion, follow your own religion. And how many times have we said that if devotees of all religions start following religion this minute, then the next minute the Ganges of love will start flowing on the earth.

Because religions talk about selfless, selfless love. Don’t argue unnecessarily, don’t speak wrong to anyone, don’t condemn anyone, don’t disrespect anyone, respect everyone, respect everyone, don’t get drunk, give up non-vegetarian food, because it brings cruelty, inside man The thing called mercy goes away, the thing called kindness goes away.

So our saints, pir-fakirs told such things of devotion and the same thing was told by the giver, Rehbar through many bhajans, that never think bad of anyone. Never hurt anyone’s heart. Heart does not hurt anyone brother, heart does not hurt anyone, God’s abode in every heart brother, God’s abode in every heart, that never hurt anyone’s heart. Yes, it is necessary to stick to the words.

After that don’t taunt anyone, don’t talk bad about anyone, don’t say bad things to anyone. Because when you hurt others, you cannot even think of attaining God, because He lives in every heart. God is present in every particle and every particle. So if you are in a bad mood. If you are not right in your thinking, or you have any tension, any problem, then remove that problem, that tension through remembrance, devotion and worship, not by shouting at someone, by calling someone bad.

Sometimes it happens that there is some problem in the house, there are some difficulties, instead of saying it at home, you go outside in the society and say those things, if you speak wrong, then in a way you hurt the heart of the child of God.

Respected Guru ji said that how many times I have told you this thing, Beparwah ji also used to say, in every body he said that first weigh and then speak.

Take a break before speaking, it is not good to be short-tempered, that something was said to you and you quickly reacted to it, especially speaking to someone angry or bitter, this is a wrong thing. If someone tells you wrong about someone, speaks wrong about someone or someone comes to you and gossips about someone, that such and such a person says very bad about you, such and such a person abuses you, then you ration at the same time. Don’t climb over it with water. Rather give a break at least for a day. You don’t talk to him

In a day, 50% of your anger will go away. And then when you go and ask with love, have you told me like this brother, then believe me, what he must have said, he must have told 5-10%, he polished it or brought it to you 100% by applying spices. Then you will understand that that man wants to fight you. Then don’t believe his words too quickly.

Because there are many such masters in the society, who do the work of fighting. Usually there are few people who unite, but many who break it. Those who unite are those people whose parents have good manners or those who follow the words of our saints, pir-prophets, gurus, great men, devotees, they definitely do the work of connecting, that yes brother, don’t fight with each other. stay together in Otherwise, in today’s era, people do more work of breaking. Fighting with each other, making plans to separate four brothers who live together.

Thousands of sevadars, who had come at the end of Bhandara, treated the langar-meal of halwa prasad and peas-soybean pulses in a few minutes.
It is pertinent to mention that the founder of Dera Sacha Sauda, Pujya Beparwah Sai Shah Mastana Ji Maharaj, on February 28, 1960, made his own form by leaving the Gurugaddi to Pujya Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj.

The congregation of Dera Sacha Sauda celebrates this day with enthusiasm and devotion as MSG Maharahmokaram Diwas. Uniting day and night for the company, respected Param Pita ji inspired more than 11 lakh people to move forward in the works for the welfare of humanity by giving them the precious teeth of the name of Ram and getting rid of evils like intoxication, non-vegetarianism and promiscuity. .

On the other hand, doing favors to humanity at double the speed day and night, Revered Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan is showering his immense love and blessings by getting rid of the intoxication and vices of more than six and a half crore people.

Respected Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan, every work for the welfare of humanity is initiated by respected Guru Ji himself and becomes an inspiration for the company.

In this episode, on the occasion of Bhandara of holy MSG Maharahmokaram Day, respected Guru ji and Roohdi Honeypreet Insan gave first aid kits to 50 sevadars traveling far and wide in the campaign to get rid of drug addiction under the Faster campaign. Kit includes bandages, small scissors, NS 100 ml for wound cleaning, Dettol or Savlon, betadine, bandage and swab, Moov or Volin spray, antihemorrhagic bandage, cotton roll, warm bandage, Ketorol tablet, disprin and sorbite for severe pain The tablets have been included in the list of things recommended by doctors to help in case of nervousness, heart, chest pain and heart attack.

Revered Guru Ji gave 25 healthy diet kits to the de-addiction

Along with this, healthy diet kits were given to 25 youths on behalf of respected Guru ji, under the Safe campaign, to the youths who had given up intoxication with the inspiration of respected Guru ji. This kit contains Wave Protein 1 kg, Multi Vitamin, Almond 1 kg, Pistachio 250 grams, Raisins 250 grams, Cashew 250, Small cardamom 1 packet, Black Gram, Isabgol and ORS etc.

– The huge pandal fell short
– Long jams on the routes leading to the ashram
– Prasad of halwa and langar-meal of pea-soybean big pulses were distributed to the Sadh-Sangat within a few minutes.

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