निजी स्कूलों में अभिभावकों से ना लिया जाए कोई शुल्क: सुधीर सिंगला

निजी स्कूलों में अभिभावकों से ना लिया जाए कोई शुल्क: सुधीर सिंगला

गुरुग्राम, (मनप्रीत कौर ) : कोरोना महामारी के समय में निजी स्कूलों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क पर गुडग़ांव के विधायक सुधीर सिंगला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का शुल्क विद्यार्थियों के अभिभावकों से न वसूला जाए। उन्होंने निजी स्कूलों से भी किया कि वे भी आगे आएं और इस पर सकारात्मक पहल करें।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर से अनुरोध करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय में लोगों का काफी हद तक रोजगार भी बंद है। लोगों की इनकम का अन्य कोई सोर्स नहीं है। ऐसे में उन्हें राहत दी जानी चाहिए। स्कूलों द्वारा लॉकडाउन के समय में भी बच्चों के अभिभावकों से मासिक शिक्षा शुल्क के अलावा अन्य सभी तरह के शुल्क लेना जायज नहीं है। विधायक ने अनुरोध किया है कि इस पर सकारात्मक पहल करके प्रदेश के लाखों लोगों को राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के निजी स्कूलों के लिए नियम बनाएं कि कोरोना के समय में जब से स्कूल बंद हैं और जब तक खुलते हैं। इस समय अंतराल का कोई भी शुल्क ना लिया जाए।

विधायक ने यह भी कहा कि वे न तो स्कूलों के खिलाफ हैं और न ही अभिभावकों के। वे चाहते हैं कि कोरोना महामारी काल में किसी को परेशानी ना हो। हर किसी की आर्थिक स्थिति ठीक हो, यह नहीं कह सकते। इसलिए यह सुझाव सरकार के समक्ष रखा है। उन्हें उम्मीद है कि इस पर सकारात्मक पहल होगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी। विधायक सुधीर सिंगला ने स्कूल संचालकों से भी अनुरोध किया है कि कोरोना महामारी काल में अभिभावकों की स्थिति से वे भी वाकिफ हैं।

इसलिए मानवता के नाते वे भी आगे आएं और उनके इस सुझाव पर सकारात्मक पहले करते हुए सभी तरह के शुल्क माफ करने का काम करें। साथ ही जो शुल्क लिया जा चुका है, उसे किसी न किसी तरह से एडजस्ट करके अभिभावकों को राहत प्रदान करें। आज कोरोना महामारी में सभी एक-दूसरे को किसी न किसी तरह से सहयोग कर रहे हैं। जीवन की जद्दोजहद से गुजर रहे हैं। इंसानियत की सेवा हर कोई कर रहा है। शिक्षा से जुड़े लोगों को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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