Railway के रिकार्ड में गुड़गांव को गुरुग्राम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

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Viral Sach : Railway के रिकार्ड में गुड़गांव को गुरुग्राम न किए जाने से सैनिकों और विद्यार्थियों को आरक्षित टिकट लेने में हो रही परेशानियां अब समाप्त होने वाली हैं।

गुरुग्राम नगर निगम वार्ड 10 के पूर्व पार्षद मंगत राम बागड़ी और पार्षद शीतल बागड़ी द्वारा डीआरएम दिल्ली और गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला को मांग पत्र सौंपे जाने के बाद इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

डीआरएम ने इससे संबंधित पत्र रेलवे बोर्ड को भेजा है। वहीं डीआरएम ने वार्ड 10 की पार्षद शीतल बागड़ी को भी पत्र भेजकर इस मांग से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भी अवगत कराने को कहा है।

प्रक्रिया आगे बढ़ने पर मंगत राम बागड़ी और पार्षद शीतल बागड़ी ने डीआरएम दिल्ली और गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला को कोटि कोटि धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही गुरुग्राम के लोकप्रिय विधायक सुधीर सिंगला को इस संबंध में मांग पत्र सौंपकर इससे गृह मंत्रालय से अवगत कराने के लिए निवेदन किया जाएगा।

मंगत राम बागड़ी और शीतल बागड़ी ने बताया कि गुड़गांव गुरु द्रोण की धरती है। भाजपा सरकार द्वारा इस आध्यात्मिक आस्था को देखते हुए 13 अप्रैल 2016 को गुड़गांव का नामकरण गुरुग्राम के नाम से करने का निर्णय लिया गया और इसकी घोषणा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 27 सितम्बर 2016 को की गई।

 

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गृह मंत्रालय भारत सरकार और हरियाणा प्रदेश सरकार द्वारा इसका गजट नोटिफिकेशन भी उसी समय जारी कर दिया गया। गुरुग्राम की संस्कृति और सभ्यता की दृष्टिकोण से भाजपा सरकार का यह एक सराहनीय और ऐतिहासिक निर्णय रहा।

इसका सभी ने स्वागत किया लेकिन रेलवे के रिकार्ड में अब तक गुड़गांव को गुरुग्राम नहीं दर्ज किया गया है। जबकि सेना के अधिकारी और सैनिकों को जो टिकट वारंट जारी किया जा रहा है वह गुरुग्राम के नाम से जारी होता है।

इसके कारण सैनिक जब रेलवे स्टेशन पर टिकट वारंट लेकर पहुंचते हैं तो टिकट बनवाने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अगर गुरुग्राम के टिकट वारंट पर स्टेशन के कर्मचारियों द्वारा टिकट बना दिया जाता है तो इसका खामियाजा उन्हीं रेल कर्मियों को भुगतना पड़ता है जो टिकट बनाते हैं।

रेलवे के रिकार्ड से टिकट वारंट की मैचिंग ना हो पाने के कारण टिकट का पैसा रेलवे काउंटर क्लर्क को ही भरना पड़ता है। यही स्थिति विद्यार्थियों की भी है, विद्यार्थियों को मासिक और अर्धमासिक टिकट के लिए भी जो पत्र जारी किया जाता है उस पर गुरुग्राम अंकित रहता है जबकि रेलवे के रिकार्ड में गुड़गांव है। इसके कारण उन्हें भी परेशानी होती है। इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रहीं हैं।

बागड़ी ने कहा कि हमने डीआरएम दिल्ली और गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला को इस संबंध में मांग पत्र सौंपकर निवेदन किया था कि रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय और रेलवे के वाणिज्य विभाग भाड़ा व विपणन, उत्तर रेलवे के साथ पत्रों का आदान-प्रदान कर रेलवे के रिकार्ड में गुड़गांव की जगह गुरुग्राम दर्ज कराने की कृपा करें।

विधायक सुधीर सिंगला के सहयोग और प्रयास से यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। विधायक सुधीर सिंगला से हम निवेदन करते हैं कि आगे की कार्यवाही में भी सहयोग करें ताकि जनहित से संबंधित यह कार्य शीघ्र पूरा हो सके। ऐसा होने से सैनिकों और विद्यार्थियों को सुविधा होने के साथ रेल कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।

Translated by Google 

Viral News: Due to non-change of Gurgaon to Gurugram in the railway records, the problems faced by soldiers and students in getting reserved tickets are about to end.

The process has moved forward after former councilor Mangat Ram Bagdi and councilor Sheetal Bagdi of Gurugram Municipal Corporation Ward 10 submitted the demand letter to DRM Delhi and Gurugram MLA Sudhir Singla.

DRM has sent a letter regarding this to the Railway Board. At the same time, DRM has also sent a letter to Councilor Sheetal Bagdi of Ward 10, asking her to inform about this demand to the Ministry of Home Affairs, Government of India.

Mangat Ram Bagdi and Councilor Sheetal Bagdi thanked DRM Delhi and Gurugram MLA Sudhir Singla for progressing the process. He said that soon a demand letter in this regard will be handed over to the popular MLA of Gurugram Sudhir Singla and a request will be made to inform the Home Ministry about it.

Mangat Ram Bagdi and Sheetal Bagdi told that Gurgaon is the land of Guru Drona. In view of this spiritual belief, the BJP government decided to rename Gurgaon as Gurugram on 13 April 2016 and it was announced by the eminent Chief Minister of the state Manohar Lal on 27 September 2016.

Its gazette notification was also issued at the same time by the Ministry of Home Affairs, Government of India and the State Government of Haryana. This was a commendable and historic decision of the BJP government from the point of view of Gurugram’s culture and civilization.

It was welcomed by all but Gurgaon has not yet been registered as Gurugram in the railway records. While the ticket warrant being issued to army officers and soldiers is issued in the name of Gurugram.

Because of this, when the soldiers reach the railway station with ticket warrants, they have to face difficulty in getting tickets made. On the other hand, if the ticket is made by the station staff on the ticket warrant of Gurugram, then the same railway personnel who make the ticket have to bear the brunt of it.

Due to non-matching of ticket warrant with railway records, the ticket money has to be paid by the railway counter clerk. The situation is the same with the students, the letter issued to the students for monthly and half-monthly tickets also mentions Gurugram while the Railway records have Gurgaon. Due to this they also have trouble. Such complaints are continuously coming to the fore.

Bagdi said that we had handed over a demand letter in this regard to DRM Delhi and Gurugram MLA Sudhir Singla and requested that by exchanging letters with the Ministry of Railways, Ministry of Home Affairs and Commerce Department of Railways, Freight and Marketing, Northern Railway, Kindly register Gurugram instead of Gurgaon in the record.

This process is progressing with the cooperation and efforts of MLA Sudhir Singla. We request MLA Sudhir Singla to cooperate in further action so that this work related to public interest can be completed soon. Due to this, apart from providing convenience to the soldiers and students, the railway employees will also get relief.

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