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Sandeep Mishra – माली की गाली, सिद्धू का वार

Sandeep Mishra

 

Viral Sach – दिल्ली : आप नेता पण्डित Sandeep Mishra ने कहा कि राजा के आगे पैदल प्यादे पंजाब का मैदान कांग्रेसी जंग का मैदान बना हुआ है। रोज नए नए हथियार आजमाए जा रहे है, कांग्रेस को हराने खातिर कांग्रेसी भिड़े पड़े है।

तीर, तलवार, कमान, जुबान वार पर वार अपने ही राजा जी के खिलाफ सेनापति की बगावत का पैगाम ले प्यादे देहरादून से दिल्ली तक की दौड़ लगा रहे है। राजा को धराशाही कर सिंहासन पर बैठने के सिद्धस्वप्न में खोए नए नए प्रधान हर रोज महराजा की बाहे मरोड़ रहे है।

बगावत कर बागी झंडा बुलंद कर प्रधान बनने तक के सफर में पहाड़ के प्रमुख ने भी सिद्धू का साथ दिया। पर जब राजा को कुर्सी से उतार सिद्धू के ताजपोशी की शर्त सामने आई तो राजनीति के चतुर खिलाड़ी रावत ने भौंहे तरेर आंखें लाल कर ली,हरीश की हरकत देख पैदल प्यादों को समझ आ गया राजा राजा होता है, बेचारे प्यादे पैदल ही चलते हैं।

कप्तान ने कैप्टन के खिलाफ अपने पांच चहेते लड़ाके मैदान में उतारे रंधावा, सरकारिया, बाजवा और परगट सबने हल्ला बोल दिया। बुलंद आवाज से राजा के दरबार को ललकार घेराबंदी की गई। सिंहासन खाली करो अब सिद्धू की बारी है इस नारे के साथ बिसात बिछा राजा को घुटने पर टिकाने का दाव खेला गया।

चन्नी ने चुनौती दी कैप्टन की कमान में पंजाब के मसले नहीं हल होने वाले, दिल्ली जाकर हाईकमान को बताएंगे जमीनी हकीकत। मंत्री तृप्त सिंह अतृप्त हो एक कदम और आगे बढ़े अपने ही मुख्यमंत्री को दल का गद्दार करार दिया आरोप लगाया सीएम चाहते हैं चुनाव बाद वो जाएं और अकाली वापस लौट आए, यह मिलीभगत है।

मंत्री सुखजिंदर रंधावा भड़क कर बोले मुख्यमंत्री अमृतसर में एक हजार लोगों से मिल सकते हैं पर कैबिनेट की मीटिंग वर्चुअल करते हैं ताकि हम से सामना ना हो सके। हॉकी खिलाड़ी परगट ने कैप्टन को पोल मान सीधा गोल दाग दिया विधायक सीएम के काम से संतुष्ट नहीं है, हाईकमान से मिलकर सीएम बदलने की मांग करेंगे महासचिव बनते ही प्रगट के बोल सिद्धू के उपकार को स्वीकार कर अपने ही मुख्यमंत्री पर यह दनदनाता वार कांग्रेस भरोसे की कमर जनता के बीच तोड़ने के लिए सटीक निशाने पर है।

 

sandeep mishra

राजा ने कांग्रेस के भीतर विरोधी कांग्रेसियों को घेरने के लिए कांग्रेसी बागियों के बगावत से कांग्रेस का राज और कांग्रेसी राजा का दरबार बचाने की चाल के काट ने अपने चतुर मंत्रियों की कि सेना को मोर्चा संभलानने की जिम्मेदारी दे, विजयी भव का आशीर्वाद दे रवाना किया ।

बडी जिम्मेदारी और कठिन समय का आभास होते ही मंत्रियों की टोली ने धावा बोल दिया, मोहिद्र सिंहला, भूषण, बलवीर, धर्मसोत ने प्रधान सिद्धू की कमजोर कड़ी बन खड़े माली के बयान को देश विरोधी करार दे सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर सिद्धू को कटघरा दिखा दिया ।

बार-बार बोलने और कई बार बिना बात ही बोल पड़ने वाले वेरका भी मैदान में कूद पड़े सिद्धू के सलाहकारो की बयानबाजी को देश हित के विरुद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दे धधकती आग की लपटों में घी डालने की अपनी महारत साबित करने में जरा भी देर नही की।

पहले से ही आग बबूला हो कांग्रेस झुलसाने में मशगूल माली को बेरका के इस सीधे वार ने पहले से ज्यादा उग्र,खुंखार और ज्यादा हमलावर बना दिया कोंग्रेसी सरकार की कमान को पाकिस्तानी कनेक्शन से जोड़ माली ने महराजा का दिल किसके लिए धड़कता है पूछ लिया।
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जाब की सरकार किसके हाथों खेलती है? इस सवाल का सोशल मीडिया पर खुद ही सबूत दे एक महिला पाकिस्तानी पत्रकार की फोटो पोस्ट कर पूछा आपकी प्रशानिक और सुरक्षा सलाहकार कौन है ? जो पूरा पंजाब जानना चाहता है वही लोकप्रिय सवाल दाग राजा से पाकिसतनी हाल पूछ लिया।

माली यही नहीं रुके उन्होंने पाकिस्तानी महिला पत्रकार, मुख्यमंत्री, पंजाब के डीजीपी,मुख्यसचिव की सांझा तस्वीर की सरेआम नुमाइश कर कैप्टन की टीम पर करारा प्रहार वार किया। सीएम अमरिंदर सिंह के सलाहकार रहे भरत इंदर चहल के हिमाचल में एकत्रित अकूत संपत्ति पर भी हमला बोल माली ने मुखमंत्री ओर भ्रष्टाचार के प्यार को भी उजागर किया।

 

sandeep mishra

 

पंजाब के कांग्रेसी मुख्यमंत्री पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार ने धमाकेदार पलटवार में आरोप लगाये की पंजाब सरकार में तब्दीलिया मोदी और सुखबीर की अर्जी मर्जी से हो रही है। सरकार में मोदी बादल की चलती है, कैपटन के तो बस कागज़ पर दतख्त चलते है । कुल मिलकर माली की माने तो मोदी बादल के मुखौटा बन कर सरकार चला रहे है महाराजा।

देहरादून से दिल्ली की टिकट ना कटा पाने वाले बागी विधायकों की टोली में ने कुछ यूटर्न के माहिर खिलाड़ियों ने विरोधी राग छोड़ राग दरबारी का सुर छेड़ दिया है। देहरादून की जमीं छोड़ पंजाब आने से पहले ही सात एमएलए राजा से आंख मिलाने से पहले ही दुम दबा खुद को दरबार का वफादार बता राजा की शान में कसीदे पढ़ रहे है । कांग्रेस की कुर्सी हिलाने,खिसकाने,सरकाने का काम जितनी शिद्दत से कांग्रेसी कर रहे है सच इतनी जद्दोजहद तो विपक्षी खेमा भी नहीं कर पा रहा है।

कांग्रेसी कैप्टन को अलीबाबा और मंत्रीयो को चालीस चोर बता शोर मचा रहे हैं। कांग्रेस का मजाक बना मजाक ठोको ताली की तान पर उड़ा ठहाके मार रहे हैं। कांग्रेस कॉन्ग्रेस को काट कुर्सी कैसे जीत पाएगी दबाव, बयानबाजी, बड़बोलेपन से प्रधान तो बना जा सकता है। पर कांग्रेस को ही चोर, गद्दार, नकारा, नाकाम बता मुख्यमंत्री कैसे बन सकते हो सिद्धू जी? प्रधान जी यह कुर्सी 10 जनपथ की खैरात नहीं यह तो जनता दरबार से जनता की वोट से, जनता के द्वारा जनता का दिल जीत जीती जाती है ।

अपने ही सरकार को भ्रष्ट अपने मुख्यमंत्री को नकारा अपने ही मंत्रियों को लुटेरा, खजाना चोर बता कॉन्ग्रेस की जड़ उखाडने में मशगूल सिद्धू और साथी
सलाहकार माली के सहारे कांग्रेस की क्यारी खोद रहे है। उजड़ी कांग्रेस को उजाड़ते ये माली कैसे बागवा है जो अपनी ही सरकार को ललकार नफरत की फसल बो रहे है।

माली की गाली, सिद्धू की घेरा, परगट के आरोप, चन्नी की चुनौती, बाजवा की बगावत, रंधावा के रण के बीच महारानी परनीति का अपने महाराजा को बचाने में उतरना क्या डूबती कॉन्ग्रेस को को डूबोते कांग्रेसियों से बचा चुनावी मझधार से पार करा पाएगी।

राजा रानी की ये शाही सरकार क्या जनता को बता पाएगी कांग्रेसी ही कांग्रेस को क्यों हरा रहे है? काग्रेस ही कांग्रेस की दुश्मन क्यों है? पंजाब चुनाव क्या कांग्रेस बनाम कांग्रेसी ही लड़ा जा रहा है? आखिर हाथ को हाथ से मरोड़ कांग्रेस के हाथ में क्या बचेगा? इस घनघोर कांग्रेसी घमाशान ने विपक्ष का काम बेहद आसान कर दिया है। विरोधी तो महज तमाशबीन बन खडे हो कांग्रेसी तमाशा जनता के साथ देख गदादद हो ताली पीट रहे है । कांग्रेस को कुचलने के लिए एक ही सिद्दू काफी था, अंजामें कांग्रेस क्या होगा हर साख पर सिद्धू बैठा है।

Translated by Google 

Viral News – Delhi: AAP leader Pandit Sandeep Mishra said that the ground of Punjab has become a Congress battlefield in front of the king. New weapons are being tried everyday, Congressmen are fighting to defeat Congress.

Arrows, swords, bows, tongues attack on attack, the soldiers are running from Dehradun to Delhi carrying the message of rebellion of the commander against his own king. Lost in the perfect dream of overthrowing the king and sitting on the throne, new chiefs are twisting the Maharaja’s arms every day.

The head of the mountain also supported Sidhu in the journey of rebelling and raising the rebel flag to become the chief. But when the condition of Sidhu’s coronation came to the fore, then the shrewd player of politics, Rawat, looked at Harish’s action and understood that a king is a king, poor pawns walk on foot.

The Captain fielded five of his favorite fighters against the Captain, Randhawa, Sarkaria, Bajwa and Pargat, all of whom raised a hue and cry. The king’s court was surrounded with a loud voice. Vacate the throne, now it is Sidhu’s turn, with this slogan, the claim of bringing the king to his knees was played.

Channi challenged that the issues of Punjab will not be resolved under the command of Captain, he will go to Delhi and tell the ground reality to the high command. Unsatisfied, Minister Tript Singh went one step further, termed his own Chief Minister as a traitor of the party, alleged that the CM wants him to leave after the elections and return to the Akali, this is a collusion.

Minister Sukhjinder Randhawa furiously said that the Chief Minister can meet one thousand people in Amritsar, but he makes the cabinet meeting virtual so that he cannot face us. Hockey player Pargat scored a direct goal to the Captain as a pole, the MLA is not satisfied with the work of the CM, will meet the high command and demand a change of CM The back of the public is on the right target to break.

The king sent his shrewd ministers to give the army the responsibility of handling the front, blessing them to be victorious, to save the Congress rule and the court of the Congress king from the rebellion of the Congress rebels to surround the anti-Congressmen within the Congress. .

Realizing the great responsibility and difficult times, a group of ministers attacked, Mohidra Sinhala, Bhushan, Balveer, Dharamsot termed Mali’s statement as anti-national and demanded strict legal action against Pradhan Sidhu. Showed it

Verka, who used to speak repeatedly and many times without speaking, also jumped into the fray to prove his mastery of adding fuel to the raging flames by terming the rhetoric of Sidhu’s advisors as against the interest of the country and a threat to national security. Didn’t delay at all.

Berka’s direct attack on the gardener, who was already on fire, has made the gardener, who was busy in scorching the Congress, more fierce, ferocious and more aggressive than before. By connecting the command of the Congress government with the Pakistani connection, the gardener asked for whom the Maharaja’s heart beats.
Pt
In whose hands does Job’s government play? Give proof of this question on social media by posting a photo of a female Pakistani journalist and asked who is your administrative and security advisor? The one who wants to know the whole of Punjab asked the same popular question to Daag Raja about the condition of Pakistan.

Mali did not stop here, he attacked Captain’s team by publicly showing the joint picture of Pakistani female journalist, Chief Minister, DGP, Chief Secretary of Punjab. Attacking the immense wealth of Bharat Inder Chahal, who was an advisor to CM Amarinder Singh, in Himachal, Mali also exposed the Chief Minister’s love for corruption.

Punjab Congress President Navjot Singh Sidhu’s advisor hit back at the Congress Chief Minister of Punjab, alleging that the change in the Punjab government is being done at the request of Modi and Sukhbir. In the government, Modi Badal runs, Captain’s throne only runs on paper. Overall, if Mali is to be believed then Modi is running the government by becoming the mask of Badal.

In the group of rebel MLAs who could not get ticket from Dehradun to Delhi, some U-turn expert players have left the anti-raag and played the tune of the courtier. Even before leaving the land of Dehradun and coming to Punjab, seven MLAs are reciting ballads in the glory of the king, calling themselves loyal to the court, even before making eye contact with the king. The Congressmen are doing the work of moving, moving, sliding the Congress chair with such zeal, even the opposition camp is not able to put up such a struggle.

The Congressmen are making noise by calling the Captain as Alibaba and the ministers as forty thieves. Making fun of the Congress, they are laughing at the sound of clapping. How will the Congress be able to win the chair by cutting off the Congress, pressure, rhetoric, bigotry can make him the head. But how can Sidhu ji become the Chief Minister by calling the Congress a thief, a traitor, a failure, a failure? Mr. Pradhan, this chair is not the dole of 10 Janpath, it is through the people’s vote, the people’s heart is won by the people.

Calling his own government corrupt, rejecting his chief minister, calling his own ministers a looter, treasure thief, Sidhu and his friends are trying to root out Congress.
The advisors are digging the beds of the Congress with the help of gardeners. How are these gardeners who are sowing the crop of hatred by defying their own government while destroying the ruined Congress?

Mali’s abuse, Sidhu’s siege, Pargat’s allegations, Channi’s challenge, Bajwa’s rebellion, Randhawa’s rebellion, in the midst of Randhawa’s battle, will Queen Parniti’s landing to save her Maharaja save the drowning Congressmen from the drowning Congressmen and cross the electoral middle.

Will this royal government of Raja Rani be able to tell the public why only Congressmen are defeating Congress? Why is Congress the enemy of Congress? Are Punjab elections being fought between Congress vs Congress only? After all, what will be left in the hands of the Congress by twisting the hand with the hand? This intense Congress brawl has made the task of the opposition very easy. Opponents are just standing as spectacles, Congressmen are clapping their hands watching the spectacle with the public. Only one Sidhu was enough to crush Congress, what will happen to Congress in the end, Sidhu is sitting on every credibility.

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