साधारण परिवार में जन्में असाधारण व्यक्ति थे सर छोटूराम: नवीन गोयल

साधारण परिवार में जन्में असाधारण व्यक्ति थे सर छोटूराम: नवीन गोयल

गुरुग्राम, 9 जनवरी 2021(मनप्रीत कौर)ब्रिटिश शासन में किसानों के हकों के लिए लड़े सर छोटूराम
-24 नवम्बर 1881 में जन्में सर छोटूराम का 9 जनवरी 1945 को हुआ था निधन

गुरुग्राम। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता नवीन गोयल ने किसानों के मसीहा सर छोटूराम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे एक साधारण परिवार में जन्में असाधारण व्यक्ति थे। उन्होंने जीवन पर्यन्त समाज के लिए, देश की भलाई के कार्य किया। आज उन्हें हर कोई नमन कर रहा है।

नवीन गोयल ने कहा कि सर छोटू राम की जन्म स्थली रोहतक जिला के खंड सांपला के गांव गढ़ी-सांपला में सर छोटू राम को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उचित सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उनकी जन्मस्थली पहुंचकर नमन किया। पीएम ने सर छोटू राम की 64 फुट का अनावरण करके उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि सर छोटू राम का कद एवं व्यक्तित्व बहुत बड़ा था। उनका देश और किसानों के लिए बहुत अहम योगदान रहा है। वे पंजाब प्रांत के सम्मानित नेताओं में से थे। उन्होंने 1937 के प्रांतीय विधानसभा चुनावों के बाद अपने विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। नवीन गोयल ने बताया कि उनका असली नाम रिछपाल था। वो घर में सबसे छोटे थे, इसलिए उनका नाम छोटू राम पड़ गया। उन्होंने अपने गांव से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में स्कूली शिक्षा ली। सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन की। सर छोटू राम ने अखबार में काम करने से लेकर वकालत भी की। सर छोटूराम बहुत ही साधारण जीवन जीते थे। वे अपनी सेलरी का एक बड़ा हिस्सा रोहतक के एक स्कूल को दान कर दिया करते थे। वकालत करने के साथ ही उन्होंने 1912 में जाट सभा का गठन किया। प्रथम विश्व युद्ध में उन्होंने रोहतक के 22 हजार से ज्यादा सैनिकों को सेना में भर्ती करवाया। सर छोटूराम को साल 1930 में दो महत्वपूर्ण कानून पास कराने का श्रेय दिया जाता है। इन कानूनों के चलते किसानों को साहूकारों के शोषण से मुक्ति मिली।

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