अश्कों ने बदला इतिहास, अश्क बने आवाज़

किसान आंदोलन पर वरिष्ठ पत्रकार संदीप मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की अश्कों की अपनी रवानी है, अश्कों की अपनी कहानी है। हर आंसू कुछ कहता है जो खामोश आँखों से बहता