अपने शहर की जनता की सुध लें इंगलैंड के सरे शहर के मेयर - मधु आजाद

अपने शहर की जनता की सुध लें इंगलैंड के सरे शहर के मेयर – मधु आजाद

Madhu Ajad

गुरूग्राम, (हेमा गोयल ) : लगभग 4 दिन पूर्व इंगलैंड के सरे शहर के मेयर द्वारा हिन्दुस्तान के किसानों के बारे में की गई टिप्पणी के बारे में गुरूग्राम की मेयर मधु आजाद ने जवाब देते हुए कहा कि वहां के मेयर मात्र लाईम लाईट में आने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां के मेयर वहां की जनता के हित में ध्यान में रखते हुए कार्य करें, हिन्दुस्तान की भाजपा सरकार यहां के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की सरकार व जनता अपने अंदरूनी मामलों को सुलझाने में सक्षम है, इसलिए हिन्दुस्तान के अंदरूनी मामलों में बाहरी मुल्क के लोग हस्तक्षेप करने का प्रयास ना करें।

मेयर मधु आजाद ने कहा कि किसी भी शहर की काऊंसिल पर केवल उस शहर के मुद्दों के समाधान एवं उन मुद्दों में दखल देने की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि मेयर मैकुलम अपने शहर की जनता के हितों की सुध लें, हिन्दुस्तान के किसानों के हितों का ध्यान रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि बिलों से हिन्दुस्तान के किसानों की स्थिति में और अधिक सुधार होगा तथा उनका जीवन स्तर बेहतर बनेगा।

श्रीमती आजाद ने कहा कि मेयर मैकुलम ने टिप्पणी की है कि वह भारत में किसानों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और बाकी काऊंसिल से भी ऐसा करने के लिए कहेंगे। वे यह भूल गए हैं कि काऊंसिल को अपने शहर से जुड़े मुद्दों के लिए कार्य करना चाहिए। मेयर मैकुल अपनी काऊंसिल के दायरे में रहने वाले नागरिकों की सुध लेने की बजाए दूसरे देश के अंदरूनी मामलों में दखल देकर आखिर क्या साबित करना चाह रहे हैं। भारत के किसानों के साथ खड़े होने का ढ़ोंग करने की बजाए वे अपना पूरा वक्त एवं पूरा ध्यान अपने शहर की जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करने में लगाएं तो बेहतर होगा।

मेयर मधु आजाद ने हिन्दुस्तान सहित तमाम देशों की काऊसिल एवं नगर निगमों के मेयरों से अनुरोध किया कि वे इस प्रकार के बेतुके प्रस्ताव का समर्थन करने की बजाए इसकी निन्दा करें। उन्होंने कहा कि मेयर मैकुलम द्वारा 12 अप्रैल को किया जाने वाला इस प्रकार का प्रस्ताव ढ़ोंग है। इससे सभी देशों के आपसी संबंधों में तकरार पैदा हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विश्वव्यापी लोकप्रियता कुछ नेताओं को हजम नहीं हो रही है, जिसके कारण वे इस प्रकार के बेतुके ब्यान व प्रस्ताव लाने का प्रयास करते रहते हैं।

मेयर मधु आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दुस्तान विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है। तीन कृषि बिल देश के किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लाए गए हैं। इससे ना केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि इससे उनके जीवन स्तर में और अधिक सुधार होगा। मेयर मधु आजाद ने कहा कि कृषि बिलों में एमएसपी के अधिकार बरकरार रहेंगे तथा किसानों के पास सरकारी एजेंसियों का विकल्प खुला रहेगा। ये बिल अंतर्राज्यीय व्यापार को प्रोत्साहित करते हैं, ताकि किसान अपने उत्पादों को दूसरे राज्य में स्वतंत्र रूप से बेच सकेंगे। वर्तमान में एपीएमसीज की ओर से विभिन्न वस्तुओं पर 1 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक बाजार शुल्क लगता है, लेकिन अब राज्य के बाजारों के बाहर व्यापार पर कोई राज्य या केन्द्रीय टैक्स नहीं लगाया जाएगा।

इससे और कोई दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं खरीददार और विक्रेता दोनों को लाभ मिलेगा। निजी कंपनियों और व्यापारियों की ओर से एपीएमसी टैक्स का भुगतान होगा, किसानों की ओर से नहीं। किसान अनुबंध खेती के लिए प्राईवेट प्लेयर्स या एजेंसियों के साथ भी साझेदारी कर सकते हैं। यह कांट्रैक्ट केवल उत्पाद के लिए होगा। किसी भी निजी एजेंसी को किसानों की भूमि के साथ कुछ भी करने की अनुमति नहीं होगी और ना ही कांट्रैक्ट फार्मिंग अध्यादेश के तहत किसान की जमीन पर किसी भी प्रकार का अधिकार होगा। वर्तमान में किसान सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर निर्भर है, लेकिन नए आदेश में किसान बड़े व्यापारियों और निर्यातकों के साथ जुड़ जाएंगे, जो खेती को लाभदायक बनाएंगे।

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