1947 के विभाजन का दर्द - बुजुर्गों की जुबानी

1947 के विभाजन का दर्द – बुजुर्गों की जुबानी

bombay Jewellersगुरुग्राम, (प्रवीन कुमार ) : अंग्रेजों ने भारत के दो टुकड़े किये एक भारत – दूसरा पाकिस्तान यह विभाजन धर्म के आधार पर किया गया | सभी हिन्दुओं को भारत आना था तथा मुसलमानों को पाकिस्तान जाना था |

मैं उस वक्त लगभग 6 वर्ष का था | मेरे पिताजी दुकानदारी करते थे और व्यापार करते थे | हमारी बस्ती टिब्बी कसरानी, तहसील तौंसा, जिला डेरा गाजीखान था | वहां पर लगभग 200 घर हिन्दुओं के और 500 घर मुसलमानों के थे | विभाजन के समय, हमें अपनी दुकान, मकान और जायदाद छोड़कर शहर आना पड़ा | भारतीय फौज ने हमारी मदद की | कुछ लोग मारे गये |

भारतीय फौज ने हमें मुज्ज़फरगढ़ ट्रकों से भेजा | फिर गाड़ी से भारत आये | कई शहर में होते हुए गुड़गांव आए | कारोबार किया, शिक्षा ग्रहण की, धर्म और इज्जत की रक्षा की | प्रभु कृपा है |

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