समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं, समाज सेवा अगर नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो -पंकज पाठक

Viral Sach :- समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं। समाज सेवा अगर नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। यह बात रविवार को श्रीराम सोसाइटी कार्यालय में श्रीराम सोसाइटी के सदस्यों द्वारा आयोजित बैठक में पंकज पाठक : राष्ट्रीय अध्यक्ष- श्रीराम सोसाइटी गुरुग्राम – नेक व सामाजिक कार्य संस्था ने कही।

उन्होंने कहा कि हम मानव हैं और मानव होने के नाते हमारा पहला धर्म मानवता का परिचय देना है। लेकिन आज समाज जिस दिशा पर जा रहा है। उसको देखकर ऐसा अहसास होता है कि इंसान में इंसानियत का और आत्मियता का अभाव होता जा रहा है। लेकिन समाज के कुछ लोग ऐसे भी हैं जो समाजसेवा के माध्यम से मानवता का परिचय देते रहते हैं। साथ ही समाज के लोगों को मानवता का पाठ भी पढ़ाते हैं। इस क्रम में  पंकज पाठक ने कहा कि जीवन में समाजसेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए। गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं उनके उत्थान के लिए श्रीराम सोसाइटी हमेशा प्रयासरत रहती है। अपने लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन समाज के लिए जीना भी एक तपस्या है। क्योंकि समाज सेवा से बड़ा कोई भी धर्म नहीं है। इसका मौका भी हर किसी को नहीं मिलता, भगवान यदि किसी को इस लायक बनाता है तो उसे हर हाल में जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए।

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