पर्यावरण स्वच्छ रखने को युवा बनें पर्यावरण के प्रहरी: नवीन गोयल

पर्यावरण स्वच्छ रखने को युवा बनें पर्यावरण के प्रहरी: नवीन गोयल

Viral Sach : पर्यावरण संरक्षण विभाग भाजपा हरियाणा प्रमुख नवीन गोयल ने एसजीटी विश्वविद्यालय बुढेड़ा में युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरुक किया। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण के प्रहरी बनने के लिए प्रेरित किया। वे गुरुवार को एसजीटी विश्वविद्यालय में युवाओं को पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए जागरुक करने पहुंचे थे।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पर्यावरण आज के समय का बड़ा मुद्दा है। पहले तो बीमारी बहुत हैं, ऊपर से हम अपने पर्यावरण को खराब करते जा रहे हैं। ऐसे में इंसान का जीवन खतरे में पड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण रखकर हम खुद का अस्तित्व रख सकते हैं। अपने जीवन को सुगम बनाने के लिए अपने पर्यावरण को सुगम बनाना होगा। नवीन गोयल ने कहा कि युवा अपनी शक्ति को पहचानें। युवा चाहे जिस भी शिक्षण संस्थान में हो, उसे यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि उसे पर्यावरण में सुधार करना है। युवाओं के बल पर ही देश, प्रदेश और समाजहित के काम सिरे चढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने यहां हरियाली, सफाई और पर्यावरण के खराब होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हमें वाहनों में शेयरिंग की आदत डालनी चाहिए। इससे हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी बचा पाएंगे और आर्थिक बचत भी होगी। उन्होंने शादियों में कार्ड छपवाने की परम्परा को भी बंद करने का आह्वान किया। क्योंकि आज डिजिटल का युग है। इसका सदुपयोग करते हुए हम डिजिटल कार्ड भेजें। हर घर-परिवार में मोबाइल हैं। नवीन गोयल ने एसजीटी विश्वविद्यालय में हरियाली पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कैंपस के एयर क्वालिटी इंडेक्स का पता लगाया तो अन्य स्थानों की तुलना में वहां कम प्रदूषण आंका गया। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंध की सराहना की।

उन्होंने सफाई को लेकर भी जागरुक करते हुए कहा कि कैंपस में तो कर्मचारी स्वच्छता करते हैं, लेकिन हमें अपने घरों, कालोनियों में सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। कहीं पर गंदगी पड़ी है तो उसे किसी तरह हटाने की आदत डालें। लोग एक-दूसरे को देखकर इस आदत को खुद में भी ढाल लेंगे। हम किसी न किसी तरह से दूसरों के लिए प्रेरणा बनेें, ऐसे प्रयास होने चाहिए। इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गगन गोयल, समाजसेवी बाली पंडित के अलावा विश्वविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

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