संयुक्त किसान मोर्चा ने धरने पर ही मनाई बुद्ध पूर्णिमा

गुरुग्राम, (नेहा चौहान ) : संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह एवं गजे सिंह कबलाना ने संयुक्त ब्यान में बताया कि आज धरने पर बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई तथा कार्यक्रम की शुरुआत सभी किसानों ने महात्मा बुद्ध के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की।उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध ने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया और उसी सिद्धांत पर चलते हुए किसान छह महीने से शांतिपूर्वक अपनी माँगो के समर्थन में आन्दोलन चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आज 26 मई को किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर किसानों ने पूरे देश में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध दिवस मनाया।किसानों तथा किसान आंदोलन को समर्थन कर रहे सभी जनसंगठनों ,ट्रेड यूनियनों तथा ट्रांसपोर्टर्स के कार्यकर्ताओं ने अपने मकानों, दुकानों, ट्रकों और अन्य वाहनों पर काले झंडे लगा कर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।

गुरुग्राम में भी किसान आंदोलन के 181वें दिन किसान,मज़दूर तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुख व्यक्ति हाथ की बाहों पर काली पट्टियां बांधकर धरने पर बैठे तथा धरने पर काले झंडे लगाए।प्रदर्शनकारी किसानों ने तीन काले क़ानून बनाए जाने के विरोध में सरकार विरोधी नारे लगाए।गुरुग्राम में भी किसानों ने अपने मकानों, दुकानों, ट्रकों और अन्य वाहनों पर काले झंडे लगा कर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।

किसान मोर्चा अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जमाखोरी,कालाबाज़ारी तथा मुनाफ़ाख़ोरी मानवता के ख़िलाफ़ है तथा दूसरी तरफ़ आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करके पूंजीपतियों को जमाखोरी की इजाज़त दे दी है तथा जमाखोरी के क़ानून को कमज़ोर कर दिया जो कि सरकार का दोहरा मापदंड है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह कहकर कि जमाखोरी कालाबाज़ारी तथा मुनाफ़ाख़ोरी मानवता के ख़िलाफ़ है,सैद्धांतिक रूप से मान लिया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन ग़लत किया है इसलिए सरकार को चाहिए कि तीनों काले कानूनों को वापस ले लें।उन्होंने कहा कि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।

धरने को संबोधित करते हुए गजे सिंह कबलाना ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किसानों से बात करके तथा तीनों काले क़ानून रद्द करने तथा MSP की गारंटी का क़ानून बनाने की माँग की है।उन्होंने कहा कि किसान छः महीने के लंबे समय से अपनी माँगो के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की माँग पूरी करें ताकि किसान अपने घर जा सके।उन्होंने कहा कि जब तक सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लेते आंदोलन जारी रहेगा।

आज धरने पर बैठने में धर्मबीर परवाल,ऊषा सरोहा,एस एस प्रजापति,अनिल पंवार,जयप्रकाश रेहडू,डॉक्टर धर्मवीर राठी,बलवान सिंह दहिया,माइकल सैनी,विजय यादव,जे सी यादव एडवोकेट,ईश्वर सिंह पहलवान,डॉक्टर सारिका वर्मा,योगेश कुमार,राजीव शोराण,राजेश गोस्वामी,भारती देवी,योगेश्वर दहिया,पंजाब सिंह,मनोज झाड़सा,श्रवण सिंह, वज़ीर सिंह,एम सहरावत,राकेश मान,सुरजीत सिंह,आकाशदीप,ईश्वर,तनवीर अहमद,आर सी हुड्डा,विंग कमांडर एम एस मलिक,बलवान सिंह,मीनू सिंह,वीरवती,गीता,सन्तोष,पूनम,सीमा,प्रमिला,राजबाला, लक्ष्मी तथा अन्य व्यक्ति शामिल हुए।

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